Rekha Gupta: DU छात्रसंघ अध्यक्ष से 30 साल में सत्ता के शीर्ष तक... दिल्ली CM रेखा गुप्ता के सियासी संघर्ष की पूरी कहानी
रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा है। उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। वह दो बार विधानसभा चुनाव में हारीं और दो बार महापौर बनने से भी चूक गई थी
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Rekha Gupta: रेखा गुप्ता आज दिल्ली की नौंवी और चौथी महिला मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रही हैं। बीते कई दिनों से राजधानी को महिला मुख्यमंत्री मिलने की चर्चा गर्म थी। आखिरकार शालीमार बाग सीट से जीतकर आईं रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की रेस में बाजी मार ली। हालांकि, रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा है। उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। वह दो बार विधानसभा चुनाव में हारीं और दो बार महापौर बनने से भी चूक गई थीं।
साल 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग सीट से रेखा गुप्ता को हार का सामना करना पड़ा था। साल 2017 में बीजेपी की ओर से सभी पार्षदों के टिकट काटने के चलते वह चुनाव नहीं लड़ सकीं। इसके अलावा दो सालों पहले उन्हें मेयर चुनाव में भी हार का मुंह देखना पड़ा था। साथ ही पार्टी की आंतरिक राजनीति में भी उन्हें कई चुनौतियां झेलनी पड़ीं।
मेयर चुनाव में हारीं लेकिन...
इससे पहले साल 2007 और 2012 में पार्षद रह चुकीं रेखा गुप्ता को 2017 में चुनाव में भी उतरने का अवसर नहीं मिल पाया क्योंकि बीजेपी ने सभी पार्षदों के टिकट काट दिए थे। यह रेखा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था। बताया जाता है कि पार्टी के अंदरूनी फैसलों के चलते वह चुनावी राजनीति से काफी दूर हो गईं। इसके बाद साल 2023 में आम आदमी पार्टी की पार्षद शैली ऑपराय ने उन्हें एमसीडी मेयर चुनाव में मात दी थी। इस मात के बाद से कहा जा सकता है कि उनके राजनीतिक सफर की डगर मुश्किल भरी होती चली गई। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने हौसले को कम नहीं होने दिया। साल 2012 से 2017 तक बतौर पार्षद पार्टी की आतंरिक राजनीति में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मेयर और स्थायी समिति का अध्यक्ष बनने से भी वंचित रहना पड़ा।
AAP की वंदना को मात देकर जीतीं रेखा
रेखा ने अपने संघर्ष के दौरान कभी हार नहीं मानी। उन्हें साल 2022 में शालीमार बाग से फिर बीजेपी ने पार्षद का टिकट दिया। इस बार उन्होंने जीत दर्ज की। इसके बाद इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें शालीमार बाग से टिकट दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी को हराकर जीत दर्ज की। इसी जीत के साथ रेखा अपने जीवन में एक नया अध्याय शुरू कर रही हैं। वह दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं।
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बीजेपी शासित राज्यों में एकमात्र महिला सीएम होंगी रेखा
बता दें कि बीजेपी ने 5 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में 70 में से 48 सीट जीतकर दिल्ली में केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के एक दशक लंबे शासन को समाप्त कर दिया। इससे पहले साल 1993-98 में बीजेपी ने दिल्ली में सत्ता हासिल की थी। पार्टी नेताओं के मुताबिक पहली बार विधायक बनीं रेखा गुप्ता के आरएसएस से करीबी संबंध हैं। वह हाल में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग से विधायक निर्वाचित हुई हैं। जान लें कि शपथ ग्रहण के बाद रेखा गुप्ता वर्तमान में भाजपा शासित किसी भी राज्य में एकमात्र महिला मुख्यमंत्री होंगी।