एक्शन में CM रेखा गुप्ता, डमी स्कूलिंग पर कसी नकेल; 10 स्कूलों को नोटिस भेजकर अब मान्यता रद्द करने की तैयारी

एक्शन ऐसे समय में जब हुआ, जब बीते दिन ही दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी को लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

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CM Rekha Gupta
CM Rekha Gupta | Image: Twitter/CM Rekha Gupta

Delhi News: दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और फीस बढ़ोतरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पेरेंट्स की शिकायतों और जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सीएम रेखा गुप्ता की सरकार भी इस मुद्दे को लेकर एक्टिव हो गई है। दिल्ली सरकार ने जिला मजिस्ट्रट की देखरेख में सभी स्कूलों में निगरानी अभियान शुरू किया है। इसी बीच 10 स्कूलों को नोटिस भी जारी किया गया है।

एक्शन ऐसे समय में जब हुआ, जब बीते दिन ही दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी को लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। CM ने शिक्षा विभाग को ऐसे स्कूलों की पहचान कर नोटिस जारी करने को कहा था।

10 स्कूलों को जारी किया गया नोटिस

इस बीच दिल्ली में डमी स्कूलों पर शिकंजा कसा गया है। जिला मजिस्ट्रेट की देखरेख में चल रहे निरीक्षण के बीच 10 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए और मानदंडों का गंभीर उल्लंघन करने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निरीक्षण के दौरान DM के साथ वरिष्ठ अकादमिक और शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इन स्कूलों के खिलाफ यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि लगातार डमी स्कूलिंग और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) छात्रों को नजरअंदाज किया जा रहा था। यह कार्रवाई कथित तौर पर ऐसे कार्यों में शामिल कम से कम 20 स्कूलों की पहचान के बाद की गई है।

डमी स्कूल का मतलब उससे होता है जब कागजों पर तो छात्रों का नामांकन होता है लेकिन वह कक्षा में नहीं होता। उनका ध्यान पूरी तरह से प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग पर होता है।

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DPS द्वारका पर सख्त हुआ HC

गौरतलब है कि दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी तरीके से फीस बढ़ोतरी को लेकर अभिभावक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले फीस बढ़ोतरी के मामले में DPS द्वारका पर सख्ती बरती। कोर्ट ने निर्देश दिए है कि फीस से संबंधित मुद्दों का समाधान कानूनी ढांचे के अंदर ही किया जाना चाहिए और यह छात्रों को परेशान करने का आधार नहीं बनना चाहिए। साथ ही छात्रों को तुरंत नियमित कक्षाओं में लौटाने का निर्देश भी शामिल है।

बता दें कि DPS द्वारका पर गंभीर आरोप लगे। आरोप है कि स्कूल ने फीस बकाया होने पर छात्रों को क्लास से बाहर करके लाइब्रेरी में बैठाया। उन्हें न तो क्लास में जाने दिया गया और न कैंटीन में प्रवेश करने दिया। यहां तक कि शौचालय तक सिक्योरिटी गार्ड के साथ भेजा गया था। इसको लेकर जांच भी की गई।

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HC के फैसले पर क्या बोले आशीष सूद?

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने हाई कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई और कहा कि यह दिल्ली की शिक्षा में ऐतिहासिक दिन है। पहली बार डीएम की अध्यक्षता वाली समिति ने DPS के खिलाफ कार्रवाई की है। DPS ने दिल्ली सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। हमारे रुख को कोर्ट बरकरार रखा और छात्रों के लिए उचित शिक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मनमानी फीस वृद्धि के मामले में 5 साल के विरोध के बाद CM रेखा गुप्ता की सरकार की कोशिशों से DPS को जवाबदेह ठहराया गया। हम समिति की रिपोर्ट के आधार पर सख्त एक्शन लेंगे।

फीस बढ़ोतरी पर CM रेखा गुप्ता ने दी थी चेतावनी

इससे पहले स्कूलों के मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी के मामले पर CM रेखा गुप्ता ने कहा था कि कुछ स्कूलों के बच्चों के अभिभावक लगातार अपनी समस्याएं बता रहे हैं। यह बात पक्की है कि किसी भी स्कूल को किसी भी अभिभावक या बच्चे को परेशान करने, या स्कूल से निकालने की धमकी देने या सामान्य फीस बढ़ाने का अधिकार नहीं है। इसके लिए नियम- कानून हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। अगर कोई स्कूल इसका उल्लंघन करता पाया गया तो उसे भुगतना पड़ेगा। जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें आ रही हैं, उन सभी के खिलाफ हमने नोटिस जारी कर दिए हैं। स्कूल को अपनी जबाबदेही तय करनी पड़ेगी।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड