जब दिल्ली विधानसभा में प्रवेश वर्मा ने कहा भाई... क्यों सीट से खड़े होकर आतिशी चिल्लाईं; सदन में जमकर हुई थी तू-तू, मैं-मैं
दिल्ली विधानसभा में पिछले दिनों भाई कहने को लेकर ही भारी हंगामा हुआ। यहां प्रवेश वर्मा और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी आमने-सामने आ गए थे।
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Pravesh Verma Vs Atishi: दिल्ली विधानसभा में पिछले दिनों भाई कहने को लेकर ही भारी हंगामा हुआ। यहां प्रवेश वर्मा और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी आमने-सामने आ गए थे। यहां सदन के भीतर आतिशी को इतना गुस्सा आ गया था कि वो प्रवेश वर्मा पर जोर से चिल्लाई थीं। विपक्ष के आरोपों पर प्रवेश वर्मा जवाब दे रहे थे, तभी टोकी-टिप्पणी के बीच उन्होंने कह दिया था कि 'कहां से लाओ हो भाई'। इस बात पर आतिशी का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया था।
दिल्ली विधानसभा में पुजारियों और ग्रंथियों को मिलने वाली राशि पर चर्चा हो रही थी। एक सदस्य ने सरकार से जवाब मांगा था कि पुजारियों और ग्रंथियों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए सरकार ने कितना बजट रखा है, कितने मंदिरों में और कितने पुजारियों को सरकार मानदेय देगी। उसके बाद प्रवेश वर्मा जवाब देने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात है कि चुनाव बाद भी विपक्ष के साथी मंदिरों और पुजारियों की बात कर रहे हैं। विपक्ष के सदस्य के सवाल पर प्रवेश वर्मा ने सदन में कहा कि हम इस पर चर्चा करेंगे और काम किया जाएगा।
कहां से शुरू हुआ सदन में हंगामा?
उसके बाद सदन में अभय वर्मा ने अपना सवाल रखा था। उसके जवाब में प्रवेश वर्मा ने कहा कि उन्होंने तीर्थ यात्रा को लेकर खर्चे पर सवाल किया है। मैं बताना चाहता हूं कि पिछले साल में पहले की सरकार सिर्फ बड़े बड़े प्रचार करती थी और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा पर 80 करोड़ रुपये का बजट रखा था, लेकिन हैरानी इस बात की है कि उसमें से शून्य खर्च हुआ। सिर्फ ये लोग प्रचार करते थे। प्रवेश वर्मा के बयान के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक हंगामा करने लगे। संजीव झा भी उंगली उठा रहे थे। जब आतिशी और आप के अन्य नेता हंगामा कर रहे थे तब प्रवेश वर्मा ने कह दिया था कि 'कहां से लाए हो भाई'।
प्रवेश वर्मा की बात पर भड़क गई थीं आतिशी
प्रवेश वर्मा के बयान पर सदन में खड़े होकर आतिशी ने आपत्ति जताई। आतिशी ने 'भाई' शब्द को लेकर अपना विरोध व्यक्त किया था। उसके बाद प्रवेश वर्मा ने कहा कि भाई कहना कौन से गलत शब्द है। इसी बीच आतिशी के लिए स्पीकर को भी कहते सुना गया कि आपसी सरकार में तो क्या-क्या कहा जाता था। यहां सिर्फ भाई बोला है। स्पीकर के शांत होने पर प्रवेश वर्मा ने फिर कहा कि भाई कहना गलत है क्या? सदन में हंगामा करने पर रवि विशेष और कुलदीप कुमार को स्पीकर ने बाहर करा दिया, लेकिन आप के अन्य विधायकों का हंगामा जारी रहा। AAP के अन्य सदस्य भी विरोध में आए तो प्रवेश वर्मा ने कहा कि मैंने किसी का नाम नहीं लिया। हंगामे के बीच ही प्रवेश वर्मा ने अपनी बात को आगे बढ़ाया।