Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD की खुली नींद, आज गिराई जाएगी बगल की कमजोर बिल्डिंग; 27 जर्जर इमारतें पर भी चलेगा बुलडोजर
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD पूरे एक्शन में नजर आ रही है। इसी कड़ी में हादसे वाली इमारत के बगल की कमजोर बिल्डिंग को गिराने का काम आज शुरू होगा। सर्वे के बाद 27 इमारतों को तुरंत गिराने के आदेश जारी किए गए हैं।
- भारत
- 3 min read

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में सात लोगों की मौत के बाद नगर निगम (MCD) की नींद खुल गई है। हादसे के बाद जर्जर और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में हादसे वाली इमारत के बगल की कमजोर और क्षतिग्रस्त बिल्डिंग को आज, 9 सितंबर को गिराया जाएगा।
बिल्डिंग को गिराने की तैयारी पिछले दिनों से ही चल रही है। MCD ने पहले ही बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर दिया था। इस इमारत में भी PG चल रहा था। अधिकारियों ने इमारत को खाली करा लिया है और पीजी में रह रहे छात्रों का सामान बाहर निकालकर उन्हें सौंप दिया गया है। छात्रों को पीजी खाली करने के निर्देश पहले ही दे दिए गए थे। डिमोलिशन का काम सावधानीपूर्वक और योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा।
जर्जर इमारतें पर चलेगा बुलडोजर
इमारत को सुरक्षित रूप से गिराने के लिए पहले लोहे के बीम से सहारा दिया जा रहा है, ताकि आसपास की संपत्ति या टीम को कोई नुकसान न पहुंचे। बता दें कि एमसीडी की टीमों ने तीन जोनों में चल रहे प्राइवेट हॉस्टल और पीजी का सर्वे किया। सर्वे में कुल 51 इमारतें खतरनाक और जर्जर पाई गईं। इनमें से 27 इमारतों को तुरंत गिराने के आदेश जारी किए गए हैं। आज से इन इमारतों को गिराने काम शुरू होगा।
MCD के सर्वे के बाद बनी लिस्ट
MCD के सर्वे के बाद 7 इमारतों को सील किया गया है और 35 बिल्डिंग मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं। आज से एमसीडी के वेस्ट जोन और शाहदरा साउथ जोन में जर्जर इमारतों के खिलाफ डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू हो रही है। सत्य निकेतन में हॉस्टल डेज के पास वाली जर्जर इमारत को भी गिराने की तैयारी चल रही है। मंगलवार को इस इमारत के ऊपर बने वॉटर प्लांट और कैंटीन को हटाया गया। टिन शेड को गैस कटर से काटकर अलग किया गया। अब इमारत को सुरक्षित तरीके से ध्वस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
Advertisement
हाईकोर्ट की फटकार के बाद जागी MCD
दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद MCD की टीमें लगातार पीजी और छात्र हॉस्टलों का सर्वे कर रही हैं। अधिकारी हर हॉस्टल में जाकर फायर एनओसी, हॉस्टल चलाने की अनुमति और अन्य जरूरी दस्तावेज की जांच कर रहे हैं। जो इमारतें कमजोर और जर्जर मिल रही हैं, उन्हें सील किया जा रहा है। कई जगहों पर इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला और कुछ मकान मालिकों के पास फायर डिपार्टमेंट की एनओसी भी नहीं पाई गई। हादसे के बाद कुछ छात्रों ने खुद वीडियो बनाकर अपनी परेशानी सामने रखी।