'जिन खानदानों से ये डॉक्टर ताल्लुक रखते हैं, उन्हें मुजरिम मत समझो...', महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली ब्लास्ट की निषपक्ष जांच की मांग की
Delh Blast: 11 नवम्बर, 2025 की देर शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए बम धमाके को लेकर महबूबा मुफ्ती ने कहा 'जिन खानदानों से ये डॉक्टर ताल्लुक रखते हैं, उन्हें मुजरिम मत समझो'।
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Delh Blast: सोमवार 11 नवम्बर, 2025 की देर शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए बम धमाके में करीब 12 लोगों की जान चली गई और दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस भयानक धमाके बाद पूरा देश दहल उठा। ताजा खबर के अनुसार ब्लास्ट की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप गया है और इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। एक तरफ दिल्ली ब्लास्ट से पूरा देश दहल उठा है, तो दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ''जिन खानदानों से ये डॉक्टर (दिल्ली ब्लास्ट में शामिल डॉक्टर) ताल्लुक रखते हैं, उन्हें मुजरिम मत समझो'। इस बयान के बाद दिल्ली के लेकर जम्मू-कश्मीर के एक नई बहस छिड़ गई है। इस बयान को लेकर महबूबा मुफ्ती की सोशल मीडिया पर खूब निंदा हो रही है।
‘जिन खानदानों से ये डॉक्टर…’-महबूबा मुफ्ती
दिल्ली धमाके के बारे में एक इंटरव्यू में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 'जिन खानदानों से ये डॉक्टर ताल्लुक रखते हैं, उन्हें मुजरिम मत समझो'। आगे उन्होंने कहा कि ‘लाल किला धमाका निंदनीय है’। अगर कश्मीरी डॉक्टर मिले हुए तो यह बेहद ही विनाशकारी घटना है। उन्होंने कहा कि 'डॉक्टर हमारे समाज के सबसे उत्तम हिस्सा हैं और ऐसी घटना कश्मीरियों की सामूहिक छवि को ही नुकसान पहुंचाएंगी'।
'अपराध अभी साबित नहीं हुआ है'-महबूबा मुफ्ती
इंटरव्यू में महबूबा मुफ्ती आगे कहती है कि 'अपराध अभी साबित नहीं हुआ है' इसके बावजूद आरोपियों के परिवार वालों को परेशान किया जा रहा है'। आगे वो कहती है कि जांच में तेजी लाने की जरूरत है और उन्होंने इसे उत्पीड़न अभियान में बदलने से रोकने का भी आग्रह किया है।
महुआ मोइत्रा ने भी दिल्ली ब्लास्ट पर बोला
दिल्ली ब्लास्ट पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने X पर गृह मंत्री और पीएम मोदी को घेरने का काम किया है। उन्होनें ब्लास्ट को लेकर X पर लिखा है कि 'क्या गृह मंत्री का कर्तव्य नहीं है कि वो हमारी सीमाओं के साथ-साथ हमारे शहरों की रक्षा करें'? वह मोर्चे पर इतना फेल क्यों हो जाते हैं'।