दिल्ली: चाणक्यपुरी में चौथी मंजिल से कूदकर IFS अधिकारी ने की आत्महत्या, डिप्रेशन का चल रहा था इलाज

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दिल्ली स्थित उसके मुख्यालय में कार्यरत एक अधिकारी की शुक्रवार सुबह मौत हो गई, लेकिन मंत्रालय ने उसका नाम उजागर नहीं किया।

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IFS officer commits suicide
सांकेतिक फोटो | Image: Unsplash / Representative

नयी दिल्ली, सात मार्च (भाषा) भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2011 बैच के एक अधिकारी ने शुक्रवार को दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में एक इमारत की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, अधिकारी विदेश मंत्रालय में ‘ओवरसीज एंप्लॉयमेंट्स एंड प्रोटेक्टरेट जनरल ऑफ एमिग्रेंट्स’ के निदेशक थे।

सूत्रों ने बताया कि अवसाद से ग्रस्त अधिकारी का इलाज किया जा रहा था और उनकी 70 वर्षीय मां चाणक्यपुरी क्षेत्र में विदेश मंत्रालय आवासीय परिसर की पहली मंजिल पर उनके साथ रह रही थीं। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘मृतक आईएफएस अधिकारी की पहचान जितेंद्र रावत (42) के रूप में की गई है, जो इमारत की पहली मंजिल पर रहते थे। वह चौथी मंजिल पर गए और वहां से छलांग लगा दी। हमें घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।’’

विदेश मंत्रालय ने दिया बयान

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दिल्ली स्थित उसके मुख्यालय में कार्यरत एक अधिकारी की शुक्रवार सुबह “मृत्यु हो गई”, लेकिन मंत्रालय ने उसका नाम उजागर नहीं किया। मंत्रालय ने कहा कि वह मृतक के परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है और दिल्ली पुलिस के संपर्क में है।

पुलिस के अनुसार, उसे सुबह 6.20 बजे सोसायटी के सुरक्षा गार्ड से घटना के संबंध में पीसीआर कॉल मिली। पुलिस ने बताया कि गंभीर रूप से घायल आईएफएस अधिकारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूत्र ने कहा, ‘‘अधिकारी की पत्नी और बच्चे देहरादून में रह रहे हैं। उन्हें घटना की जानकारी दे दी गई है और परिवार के सदस्य दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।’’ सूत्र के मुताबिक, अधिकारी का परिवार देहरादून में रहता है, क्योंकि उनके बच्चे वहां पढ़ रहे हैं।

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कोई पारिवारिक विवाद नहीं 

पुलिस के एक सूत्र ने कहा, ‘‘आईएफएस अधिकारी का कोई पारिवारिक विवाद नहीं था और 10 महीने पहले बेल्जियम से वापस आने के बाद से ही वह अवसाद से जूझ रहे थे। रावत 10 महीने से दिल्ली में रह रहे थे।’’ बेल्जियम के अलावा, अधिकारी की म्यांमा में भी नियुक्ति थी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह परिसर के बाहर था, जब उसने शोर सुना।

प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘‘हम इमारत के अंदर पहुंचे और देखा कि अधिकारी का शव जमीन पर पड़ा था।’’ विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी की सात मार्च की सुबह नयी दिल्ली में मृत्यु हो गई।’’ उसने कहा, ‘‘मंत्रालय दुख और कठिनाई की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। शोक की इस घड़ी में परिवार की निजता का सम्मान करते हुए आगे की जानकारी साझा नहीं की जा रही है।’’

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड