राखी पर दिल्ली-NCR में बारिश का 'बंधन'! सड़कों पर पानी, रेंगती कारें और लाचार ट्रैफिक व्यवस्था ने धो दिया त्योहार का रंग
राखी के दिन दिल्ली-एनसीआर में बारिश का 'बंधन' दिखा। जलमग्न सड़कें, गिरे पेड़ और रेंगती ट्रैफिक ने त्योहार में 'विलेन' का काम किया।
- भारत
- 4 min read

Heavy Rain On Rakhabandhan: राखी के दिन दिल्ली-एनसीआर में बारिश का 'बंधन' दिखा। जलमग्न सड़कें, गिरे पेड़ और रेंगती ट्रैफिक ने त्योहार में 'विलेन' का काम किया। रास्तों में ट्रैफिक पुलिस की गैरमौजूदगी के चलते गाड़ियों को अपनी जगह से हिलने में घंटा-डेढ़ घंटा तक लग गया। ये एक-दो इलाकों का हाल नहीं था, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के लगभग हर इलाके में गाडि़यों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। एक तो बारिश की वजह से और निकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से सड़कें वैसे ही लबालब थीं। ऊपर से कई जगह लालबत्ती खराब होने से सड़कों पर ट्रैफिक की अराजकता फैल गई।
खबर लिखे जाने तक दिल्ली के लोधी गार्डन से लेकर जखीरा रेलवे स्टेशन अंडरपास, शास्त्री नगर, आनंद पर्वत जैसे कई इलाकों में जाम लगा हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को अलर्ट किया और इन इलाकों में जाने से बचने के लिए कहा है। लोधी गार्डन के पास एक पेड़ सड़क की ओर झुक गया। इससे मदरसा से लोधी होटल की ओर आने-जाने में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
गाजियाबाद के इन इलाकों का बुरा हाल
गाज़ियाबाद में रक्षा बंधन के दिन सुबह से हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। लोनी, साहिबाबाद, मोहन नगर, वैशाली, संजय नगर सहित कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया। सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर गाड़ियां बंद हो गईं। लंबा जाम लग गया।
Advertisement
बारिश का असर न सिर्फ यातायात पर पड़ा, बल्कि लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 2 के कई अपार्टमेंट्स के पार्किंग में पानी घुसने से लोग बाहर तक नहीं निकल पाए। स्थानीय निवासी अविनाश श्रीवास्तव का कहना है कि बारिश ने नगर निगम और नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है। लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 2 की रहने वाली तुलिका ने बताया कि वो अपने भाई को राखी बांधने के लिए घर से निकली थीं लेकिन जलभराव के चलते भारी जाम का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनके भाई के घर का रास्ता उनके वहां से महज 5 मिनट की दूरी पर है, लेकिन ट्रैफिक के चलते वो लगभग डेढ़ घंटे में वहां पहुंच सकीं। बिल्कुल ऐसा ही सोनल के साथ हुआ। भाई तक पहुंचने के लिए 10 मिनट का रास्ता तय करने में लगभग 2 घंटे लग गए। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करने और नालों की सफाई के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल बरसात में यही समस्या दोहराई जाती है। लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता।
Advertisement
वाहनों के इंतजार में सड़कों पर लाइन लगाए दिखे लोग
लालकुआं से गुजरने वाला यह हाईवे गाजियाबाद को बुलंदशहर से जोड़ता है। राखी के दिन इस मार्ग पर यातायात का दबाव सामान्य दिनों से कई गुना अधिक रहता है। हजारों की संख्या में राहगीर बसों और अन्य वाहनों के इंतजार में सड़कों के किनारे खड़े दिखाई दिए। कई यात्री तो अपने गंतव्य की ओर पैदल ही निकल पड़े। यातायात पुलिस ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। लेकिन जाम में कोई खास राहत नहीं मिल पाई। त्यौहार के दिन का उत्साह बारिश और ट्रैफिक की मार से फीका पड़ गया।
ऑटो-कैब ने वसूला डबल किराया
दूसरी ओर इस त्योहारी भीड़ का ऑटो वाले, टुकटुक वाले, रैपीडो और कैब वालों ने खूब फायदा उठाया। 10 रुपए की जगह 20-20 और किसी ने 30 रुपए तक लिये! रैपिडो और कैब वालों ने भी आम दिनों की तुलना में आज किराया डेढ़ गुणा कर दिया था। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को हुई। मेट्रो की बात करें तो भीड़ ऐसी थी कि तिल रखने की भी जगह नहीं थी।