अपडेटेड 16 March 2026 at 18:47 IST
Hardeep Singh Puri: एपस्टीन मामले में हरदीप पुरी की बेटी ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, दायर किया 10 करोड़ मानहानि का मुकदमा
Hardeep Singh Puri: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी 'हिमायनी पुरी' ने जेफरी एपस्टीन के साथ नाम जोड़ने वाली पोस्ट्स के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में 10 करोड़ का मानहानि केस किया है।
- भारत
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New Delhi: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी की बेटी ‘हिमायनी पुरी’ ने अपनी छवि खराब करने की कोशिशों के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। हिमायनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर उन ऑनलाइन पोस्ट, वीडियो और लेखों को हटाने की मांग की है, जिनमें उन्हें कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से मनगढ़ंत बताते हुए मानहानि के मुआवजे के रूप में 10 करोड़ रुपये की मांग की है।
पोस्ट्स में झूठे दावे
हिमायनी पुरी का आरोप है कि 22 फरवरी 2026 से उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न प्लेटफॉर्म्स जैसे X, यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और लिंक्डइन पर ऐसी सामग्री फैलाई जा रही है जो उन्हें एपस्टीन की आपराधिक गतिविधियों से जोड़ती है।
हिमायनी के अनुसार, इन पोस्ट्स में झूठा दावा किया गया है कि उनका एपस्टीन के साथ वित्तीय या नेटवर्क संबंध था, जो उनकी वैश्विक छवि को धूमिल करने की एक बड़ी साजिश है।
कंपनी और फंडिंग को लेकर लगाए आरोप
कोर्ट में दाखिल याचिका के मुताबिक, सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई कि हिमायनी पुरी जिस कंपनी (रियल पार्टनर्स LLC) में काम करती थीं, उसे एपस्टीन या उसके करीबियों से अवैध तरीके से फंड मिला था। इतना ही नहीं, कुछ पोस्ट्स में यहां तक दावा किया गया कि उन्होंने रॉबर्ट मिलार्ड के साथ मिलकर लेहमन ब्रदर्स के पतन की साजिश रची थी।
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हिमायनी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ये दावे पूरी तरह गलत हैं और केवल जनता के गुस्से को भड़काने के लिए एडिट किए गए वीडियो और छेड़छाड़ किए गए थंबनेल के जरिए फैलाए जा रहे हैं।
टेक कंपनियों को सख्त निर्देश की मांग
हिमायनी पुरी ने अपनी याचिका में न केवल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, बल्कि Google, Meta, X और LinkedIn जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को भी प्रतिवादी बनाया है। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई है कि इन प्लेटफॉर्म्स को दुनिया भर से ऐसी सामग्री हटाने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि भविष्य में भी जब ऐसे मानहानिकारक दावे उनके संज्ञान में लाए जाएं, तो उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए।
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याचिका में दोषी पक्षकारों से बिना शर्त माफी मांगने की भी बात कही गई है। हिमायनी का तर्क है कि विवादित सामग्री अभी भी इंटरनेट पर मौजूद है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को हर पल नुकसान हो रहा है। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होने की संभावना है, जहां अदालत इस गंभीर मुद्दे पर प्रारंभिक आदेश जारी कर सकती है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 16 March 2026 at 18:47 IST