दिल्ली की सड़कों पर उतरेगी सरकार, प्रवेश वर्मा बोले- 'धूल-मिट्टी से निजात दिलाना है, मानसून से पहले पूरी रफ्तार से काम'
दिल्ली में मानसून की आहट से पहले ही राजधानी की सड़कों पर काम का बिगुल बज चुका है। मंत्री प्रवेश वर्मा ने सख्त तेवर दिखाते हुआ बड़ा बयान दिया है।
- भारत
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दिल्ली में मानसून की आहट से पहले ही राजधानी की सड़कों पर काम का बिगुल बज चुका है। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा- 'हम पूरी दिल्ली में ऐसी कोई सड़क नहीं छोड़ेंगे, जहां धूल-मिट्टी उड़े। जब सरकार खुद सड़क पर उतरेगी, तो अफसर भी मजबूर होंगे काम पर उतरने के लिए।'
मानसून से पहले अधिकतम सड़कों की मरम्मत और निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, धूल और मिट्टी से निजात दिलाने के लिए सड़कों की सफाई और पेवर ब्लॉकिंग पर जोर लगाया जा रहा है। मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा- 'अब काम होगा और साफ दिखेगा भी देखा।
जिम्मेदार अफसरों को भी फिल्ड पर उतरना होगा- प्रवेश वर्मा
प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि ‘अगर सरकार ग्राउंड पर होगी तो अफसरों को भी बैठकर आदेश नहीं चलेंगे, जो भी जिम्मेदार अफसर हैं, उन्हें अब खुद फील्ड में उतरना होगा। दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान गड्ढों और जाम की शिकायतें आती हैं। इस बार सरकार ने तय कर लिया है कि शिकायतें नहीं, समाधान दिखेगा।’
प्रदूषण को लेकर भी एक्शन में सरकार
इसके अवाला, दिल्ली में जल-प्रदूषण और नालों की सफाई को लेकर सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रवेश साहिब सिंह और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने राजधानी के बारापूला नाले पर चल रहे सफाई और पुनर्विकास कार्यों का संयुक्त निरीक्षण किया है। तीनों शीर्ष नेताओं ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को समय रहते और पूरी गुणवत्ता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। इस निरीक्षण के दौरान नाले के आसपास की स्थिति, जल प्रवाह, ठोस कचरे की मात्रा और सीवेज के प्रवाह का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
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बारापूला क्यों है अहम?
बारापूला नाला दिल्ली के प्रमुख जलमार्गों में से एक है, जो यमुना नदी में गिरता है। यह दिल्ली में सालों से सबसे गंभीर प्रदूषण का स्रोत बना हुआ है। इसलिए दिल्ली सरकार इस नाले को प्राकृतिक जलधारा में बदलने की कोशिश में लगी है, ताकि नाले को कचरा मुक्त बनाया जा सके और इसके किनारे हरित क्षेत्र विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा- हम दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ शहर बनाना चाहते हैं। इसके लिए जल निकासी व्यवस्था और नालों का सुधरना बेहद जरूरी है। वहीं, LG विनय सक्सेना ने भी अफसरों को चेताया कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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CM रेखा गुप्ता ने बता दिया प्रदूषण पर पूरा प्लान
दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान पर सीएम रेखा गुप्ता ने सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा- दिल्ली में प्रदूषण की समस्या हमेशा ही बनी रहती है। इसे कंट्रोल करने के लिए स्प्रिंकलर का इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने कहा कि इनका इस्तेमाल कब किया जाता था? सिर्फ सर्दियों में दो महीनों में ही किया जाता था।
ये स्प्रिंकलर से पानी छिड़कते रहते थे। बस प्रदूषण से निपटने के लिए उनकी तरफ से यही काम किया जाता था। जब हम सरकार में आए तो हम समझ गए कि प्रदूषण दो महीने की समस्या नहीं है। यह बीमारी पूरे साल बनी रहती है। सिर्फ सर्दियों में ही नहीं गर्मियों में भी उतनी ही धूल उड़ती है। इसलिए, हमने वाटर स्प्रिंकलर और स्मोक एयर गन का इस्तेमाल सिर्फ दो महीन के लिए नहीं बल्कि, पूरे साल इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
दिल्ली में 1,000 वाटर स्प्रिंकलर चलाएंगे- सीएम रेखा
पीटीआई भाषा से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि, ‘हम एक बड़ा प्लान तैयार कर रहे हैं कि दिल्ली के सभी रिंग रोड पर लाइट पोल पर वाटर स्प्रिंकलर लगाएंगे। हम पीडब्ल्यूडी और दिल्ली सरकार के माध्यम से सड़कों पर 1,000 वाटर स्प्रिंकलर चलाएंगे। दिल्ली में कुल 250 वार्ड हैं। हर वार्ड में चार स्प्रिंकलर साल भर चलेंगे और वे काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयास साफ हैं, हमारी नीति और इरादे भी स्पष्ट हैं।’