अपडेटेड 17 November 2025 at 17:13 IST

दिल्ली ब्लास्ट की जांच में 2000 कश्मीरी छात्रों से पूछताछ, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मिले थे कई सुराग

फरीदाबाद पुलिस ने दिल्ली ब्लास्ट के बाद 2000 से ज्यादा कश्मीरी छात्रों और किरायेदारों से पूछताछ की है, जांच में अल‑फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े संभावित आतंकी मॉड्यूल के शक को लेकर जांच की जा रही है।

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Delhi Blast Investigation
दिल्ली ब्लास्ट को लेकर कश्मीरी छात्रों से पूछताछ | Image: ANI

Delhi Blast Investigation: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बलास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच तेज कर दी है। फरीदाबाद पुलिस ने अब तक शहर में रहने वाले 2,000 से ज्यादा कश्मीरी छात्रों और किरायेदारों से पूछताछ की है। यह पूछताछ 'व्हाइट‑कॉलर टेरर मॉड्यूल' से संभावित संबंधों को उजागर करने के लिए की जा रही है।

अल‑फलाह यूनिवर्सिटी का क्या है रोल....?

फरीदाबाद की अल‑फलाह यूनिवर्सिटी इस मामले में शुरुआती संदेह के केंद्र में रही। पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर में हथियार, विस्फोटक और अमोनियम नाइट्रेट का जखीरा मिलने की पुष्टि की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आरोपी डॉक्टरों का संबंध सिर्फ उनकी ऑफिशियल भूमिका तक सीमित था और कैंपस में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं रखी गई।

फंडिंग और विस्फोटक निर्माण लिंक

खुफिया एजेंसियों ने जांच में 20 लाख रुपये की हवाला फंडिंग का पता लगाया है, जिसे जैश‑ए‑मोहम्मद के एक हैंडलर ने 3 डॉक्टर उमर, मुझम्मिल और शाहीन को भेजा था। इस धनराशि का एक हिस्सा 26 क्विंटल NPK फर्टिलाइजर खरीदने में इस्तेमाल हुआ माना जा रहा है, जो विस्फोटक निर्माण में भी प्रयोग किया जा सकता है।

डॉ. उमर उन‑नबी को फॉरेंसिक DNA टेस्ट के माध्यम से विस्फोट में शामिल कार के चालक के रूप में पुष्टि की गई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है और दिल्ली‑NCR समेत जम्मू‑कश्मीर में छापेमारी की जा रही है।

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पुलिस की कार्रवाई, क्या क्या हुआ?   

फरीदाबाद पुलिस ने सोमवार को फिर से अल-फलाह विश्वविद्यालय कैंपस में टीम भेजी और कई पहलुओं पर पूछताछ की। साथ ही, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने जम्मू‑कश्मीर के 4 डॉक्टरों का मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इससे पहले, फरीदाबाद अपराध शाखा की एक टीम विश्वविद्यालय परिसर पहुंची और मामले से संबंधित पूछताछ की। फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल मामले की जांच अभी भी जारी है और एजेंसियाँ दिल्ली-NCR क्षेत्र में कई जगहों से मिल रहे सुरागों पर नजर रख रही हैं। 

सुसाइड बॉम्बर डा. उमर उल नबी ने किया का दिल्ली में ब्लास्ट

10 नवंबर को दिल्ली धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 24 से ज्यादा लोग जख्मी हैं। इधर, NIA ने बताया कि कार चला रहा डा. उमर उल नबी एक आत्मघाती हमलावर (सुसाइड बॉम्बर) था। यह पहली बार है, जब किसी सुरक्षा एजेंसी ने ऑफिशियल तौर पर इसकी पुष्टि की है। इससे यह तय हो गया है कि ब्लास्ट सुसाइड अटैक ही था। 

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 17 November 2025 at 17:13 IST