Delhi Truck Strike: सावधान! दिल्ली वासियों को फल-सब्जी और दूध की हो सकती है किल्लत, 3 दिनों तक रहेगी ट्रकों की हड़ताल

दिल्ली में 21 से 23 मई के बीच 3 दिनों के लिए ट्रकों की महाहड़ताल होने जा रही है। इस दौरान दूध, फल और सब्जियों की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो सकती है। जानिए क्या हैं ट्रक ऑपरेटरों की मांगें? पढ़ें पूरी खबर

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Delhi Truck Strike 21 to 23 May 2026
दिल्ली में 21 से 23 मई तक ट्रकों की महाहड़ताल | Image: Representative ai

Delhi Truck Strike: दिल्ली के लोगों को आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों से लेकर दूध-दवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, ट्रक ऑपरेटरों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 21 मई से 23 मई तक तीन दिवसीय 'महाहड़ताल' का ऐलान किया है। इस चक्का जाम के कारण दिल्ली में फल, सब्जी, दूध और दवाओं जैसी जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है।

क्यों हो रही है हड़ताल? 

ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के नेतृत्व में हुई एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया है। ट्रक यूनियनें मुख्य रूप से सरकार के तीन फैसलों से नाराज हैं।

ईसीसी (ECC) में बढ़ोतरी: दिल्ली में लोडिंग-अनलोडिंग करने वाले वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) बढ़ा दिया गया है।

BS-4 वाहनों पर प्रतिबंध: आगामी 1 नवंबर से दिल्ली में BS-4 वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी है, जिससे करीब 17 लाख वाहन प्रभावित होंगे।

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BS-6 वाहनों पर शुल्क: पर्यावरण के अनुकूल माने जाने वाले BS-6 वाहनों पर भी ECC लगाया जा रहा है, जिसे यूनियनें अतार्किक मान रही हैं।

आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर

ट्रक यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान बाहरी राज्यों से किसी भी मालवाहक वाहन को दिल्ली की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। बतादें इससे फल और सब्जियों की आवक रुकने से इनके दाम आसमान छू सकते हैं। वहीं, दूध और दवाओं की सप्लाई प्रभावित होने से स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक जीवन पर असर पड़ेगा। इसके साथ ही कपड़ा और बाकी व्यावसायिक सामानों की आपूर्ति भी तीन दिनों तक पूरी तरह ठप रहेगी।

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क्या चाहते हैं ट्रक यूनियन? 

ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने कहा कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) सिर्फ उन ट्रकों पर होना चाहिए जो दिल्ली को 'ट्रांजिट रूट' की तरह इस्तेमाल करते हैं। जो ट्रक दिल्ली वालों के लिए माल लाते हैं, उन्हें इस दंड से मुक्त रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार ने 3 दिन की सांकेतिक हड़ताल के बाद भी मांगें नहीं मानीं, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन समय के लिए बढ़ाया जा सकता है।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड