प्रयागराज जाने वाली 3 ट्रेनें, अनाउंसमेंट से कंफ्यूजन और वीकेंड...दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ में हुई 18 मौतों पर बड़ा खुलासा
Delhi Station Stampede case: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार (16 जनवरी) की रात मची भगदड़ को लेकर दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है।
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Delhi Station Stampede case: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार (16 जनवरी) की रात मची भगदड़ को लेकर दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में हादसे के पीछे तीन बड़े कारण बताए गए हैं जिसमें बताया गया कि अत्यधिक भीड़ के बावजूद यात्री प्रबंधन में लापरवाही, गलत ट्रेन अनाउंसमेंट से मचा भ्रम और कुंभ मेले की भीड़ के लिए पर्याप्त तैयारियां न किया जाना।
CCTV फुटेज की जांच जारी है और रेलवे प्रशासन, पुलिस और RPF की टीमें मामले की तहकीकात में जुटी हैं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई हो सकती है।
1. अत्यधिक भीड़, लेकिन यात्री प्रबंधन में भारी लापरवाही
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ के पीछे सबसे बड़ा कारण स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ थी, लेकिन उसे संभालने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। यहां तक की हर घंटे 1500 जर्नल टिकट भी बेचे गए। प्रयागराज जाने वाली तीन ट्रेनों के लेट होने से हजारों यात्री स्टेशन पर जमा हो गए, लेकिन भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थे।
2. ट्रेन अनाउंसमेंट से मचा भ्रम, दौड़ पड़े यात्री
जांच में सामने आया कि भगदड़ की एक बड़ी वजह ट्रेन के अनाउंसमेंट में हुई गड़बड़ी थी। जब प्लेटफॉर्म नंबर-16 पर प्रयागराज स्पेशल ट्रेन के पहुंचने की घोषणा हुई, तो यात्री भ्रमित हो गए, क्योंकि पहले से ही प्लेटफॉर्म-14 पर प्रयागराज एक्सप्रेस खड़ी थी। कई यात्रियों को लगा कि उनकी ट्रेन बदल गई है, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ शुरू हो गई।
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3. वीकेंड और कुंभ की भीड़ के लिए नहीं थे खास इंतजाम
जांच में खुलासा हुआ है कि कुंभ मेले के चलते वीकेंड पर प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई थी, लेकिन इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की। न तो अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और न ही यात्रियों को सही सूचना देने के लिए कोई कंट्रोल रूम बनाया गया।
CCTV फुटेज खंगाल रही जांच एजेंसियां
जांच एजेंसियां CCTV फुटेज खंगाल रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि भगदड़ की शुरुआत कहां से हुई और प्रशासन की लापरवाही कितनी बड़ी थी। रेलवे, पुलिस और RPF की अलग-अलग टीमें अपनी जांच कर रही हैं। इस मामले में दोषियों पर जल्द ही सख्त कार्रवाई हो सकती है।