Delhi: रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, दिल्ली के School बनेंगे वायुसेना के अभ्यास स्थल, 16 स्कूलों का हुआ चयन
वायुसेना रक्षा अभ्यास के दौरान दिल्ली सरकार के 16 स्कूलों को MOP के रूप में इस्तेमाल करेगी। MOP हवाई गतिविधि का पता लगाने और रिपोर्ट करने का काम करती हैं।
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Delhi News : पहलगाम हमले के 8 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन इन 8 दिनों में 'आतंकिस्तान' डर के मारे 8 बार मर चुका है। सीमा पार लोगों में डर है कि भारत कभी भी बालाकोट और ऊरी जैसी सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है। आतंक के आकाओं को लग है कि भारत कुछ आतंकियों को मारेगा, कुछ आतंकी ट्रेनिंग कैंप को ध्वस्त करेगा और गुस्सा शांत हो जाएगा। लेकिन इस बार पीएम मोदी की खामोशी और भारतीय सेना की तैयारी से लग रहा है कि कुछ बड़ा होने में कोई घड़ी बाकी है।
आतंक के आकाओं ने इस बार पहलगाम में जो हिमाकत की उसने उसे कहीं का नहीं छोड़ा। भारतीय वासुसेना ने किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नया प्लान तैयार किया है। रक्षा मंत्रालय के निर्देश के अनुसार दिल्ली के स्कूलों को वायुसेना अभ्यास स्थल बनाया जाएगा। वायुसेना, रक्षा अभ्यास के दौरान दिल्ली सरकार के 16 स्कूलों को अस्थायी निगरानी चौकियों के रूप में इस्तेमाल करेगी। इन स्कूलों का चयन कर लिया गया है।
स्कूलों में बनाएं जाएंगे MOP
IAF के जवान अपने संचार उपकरणों (Communication Equipment) के साथ अभ्यास के दौरान मोबाइल निगरानी चौकियों (MOP) स्थापित की जाएंगी। इसके लिए दिल्ली सरकार के स्कूल की पहचान की गई है। MOP सीमा पर निगरानी बिंदु हैं, जहां दुश्मन के विमानों की पहचान करने और उनकी सूचना देने के लिए प्रशिक्षित लोगों को तैनात किया जाता है। इन स्कूलों को अस्थायी रूप से उपयोग किया जाएगा।
MoP का क्या काम होता है?
MOP को हवाई गतिविधि का पता लगाने और रिपोर्ट करने का काम सौंपा जाता है। जिसमें दुश्मन विमानों द्वारा कोई भी संभावित घुसपैठ शामिल है। हालांकि, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय आयोजनों के दौरान इस तरह की व्यवस्थाएं आम बात हैं, लेकिन इस बार यह तैनाती किसी भी आगामी सार्वजनिक समारोह से जुड़ी नहीं है। जिससे क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर सुरक्षा उपायों को बढ़ाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।