FRS सिस्टम से 2000 लोगों की हुई शिनाख्त, जिनका आपराधिक मामलों से रहा है संबंध; CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा

पुलिस के अनुसार, पिछले दो दिनों में प्रदर्शन स्थल पर आए लोगों के चेहरे स्कैन किए गए, जिनमें से करीब 2000 ऐसे व्यक्ति चिन्हित किए गए हैं जिनका आपराधिक इतिहास रहा है और जो पहले जेल जा चुके हैं।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
CJP Protest
CJP प्रोटेस्ट में पहुंचे थे 2000 से ज्यादा अपराधी | Image: Republic

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने दावा किया है कि फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में सफलता हासिल की है।

पुलिस के अनुसार, पिछले दो दिनों में प्रदर्शन स्थल पर आए लोगों के चेहरे स्कैन किए गए, जिनमें से करीब 2000 ऐसे व्यक्ति चिन्हित किए गए हैं जिनका आपराधिक इतिहास रहा है और जो पहले जेल जा चुके हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये सभी व्यक्ति छात्रों के बीच घुल-मिलकर प्रदर्शन का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहे थे।

संदिग्ध गतिविधियों से हुई अपराधियों की पहचान

पुलिस का मानना है कि उनकी मौजूदगी और गतिविधियां संदिग्ध हैं। अब ये जांच किया जा रहा है कि कहीं इनका मकसद प्रदर्शन के माहौल को बिगाड़ना तो नहीं था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, FRS के जरिए तैयार किया गया पूरा डेटा संबंधित जिला पुलिस को भेज दिया गया है। अब विभिन्न जिला इकाइयां इन व्यक्तियों की पृष्ठभूमि, ठिकानों और पिछले रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही हैं।

अपराधियों के मकसद पता करने में जुटी पुलिस

जांच का फोकस इस बात पर है कि पिछले दो दिनों के दौरान ये लोग किन-किन स्थानों पर सक्रिय रहे और उनकी गतिविधियां क्या थीं। इसके साथ ही साइबर पुलिस भी तकनीकी विश्लेषण में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चिन्हित किए गए करीब 2000 आरोपियों प्रदर्शन स्थल पर कितने समय तक मौजूद रहे, उनकी आवाजाही का पैटर्न क्या था और प्रदर्शन में शामिल होने का उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था।

Advertisement

जांच में होगा बड़ा खुलासा

दिल्ली पुलिस के साथ साइबर पुलिस इन सभी पहलुओं की गहन छानबीन कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रदर्शन को हिंसा के रूप देने के लिए लिए कोई संगठित प्रयास तो नहीं किया जा रहा था।

यह भी पढ़ें: NTA ने अधिकारियों पर लिया बड़ा एक्शन, 47 अफसर बर्खास्त

Advertisement
Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड