Delhi: क्या दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से खाते हैं खौफ, प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्यों बोला साहब?

Lawrence Bishnoi जैसे गैंगस्टर, जो जेल में रहकर भी अपने नेटवर्क को चला रहे हैं, वो न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि समाज के लिए भी खतरा हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा उसे "साहब" कहना हैरान करता है।

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Lawrence Bishnoi Gang : लॉरेंस बिश्नोई जरायम की दुनिया में वो नाम नाम है, जिसका सिक्का पंजाब से लेकर मुंबई तक चलता है। 2014 से जेल में बंद होने के बावजूद भी वो अपना गैंग चला रहा है और हाई-प्रोफाइल अपराधों को अंजाम दे रहा है। देश की राजधानी में दिल्ली पुलिस पर कानून का इकबाल बुलंद करने का जिम्मा है, लेकिन दिल्ली पुलिस के बड़े आधिकारी भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को "साहब" कहकर संबोधित कर रहे हैं।

हाल ही में दिल्ली पुलिस के DCP (ईस्ट) अभिषेक धानिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को "साहब" बताया। उनका ये बयान ज्वेलरी शोरूम से 25 लाख रुपये की उगाही (Extortion) के मामले में 3 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आया। एक सवाल का जवाब देते हुए DCP ने कहा, "देखिए, इस चीज को मैं अभी सर्टिफाई नहीं कर सकता, लेकिन मैं ये बता सकता हूं कि इसमें जो मैसेज था, जो कॉल था, उसमें लॉरेंस बिश्नोई साहब का नाम लिया गया था।"

लॉरेंस बिश्नोई को सम्मान या लापरवाही?

लॉरेंस बिश्नोई पंजाब से लेकर मुंबई तक अपने आपराधिक नेटवर्क के लिए कुख्यात है। 2014 से जेल में बंद होने के बावजूद, वह अपने गैंग को चला रहा है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से लेकर अभिनेता सलमान खान को धमकियां देने और हाल ही में NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या तक, बिश्नोई का नाम बार-बार सुर्खियों में रहा है। ऐसे में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा उसे "साहब" कहना हैरान करता है।

DCP के इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए। क्या यह महज एक जुबानी चूक थी या यह उस डर और प्रभाव को दर्शाता है जो बिश्नोई जैसे गैंगस्टर समाज और शायद कुछ हद तक पुलिस अधिकारियों पर डालते हैं? ऐसे बयान से सवाल उठता है कि क्या दिल्ली पुलिस भी बिश्नोई के खौफ में है, वरना गैंगस्टर को साहब कौन बुलाता है? सवाल ये भी कि यह सम्मान है या लापरवाही?

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लॉरेंस बिश्नोई का प्रभाव

लॉरेंस बिश्नोई का आपराधिक सफर 2008 में शुरू हुआ था, जब वह पंजाब यूनिवर्सिटी में लॉ की पढ़ाई कर रहा था। छात्र राजनीति से गैंगस्टर बनने तक का उसका सफर कई बार चर्चा में रहा है। NIA की एक चार्जशीट के अनुसार, बिश्नोई का नेटवर्क दाऊद इब्राहिम की तरह फैल चुका है। वह जेल में रहते हुए भी वसूली, ड्रग तस्करी और टारगेट किलिंग जैसे अपराधों को अंजाम देता है। उसके गैंग में 700 से अधिक शूटर होने का दावा किया जाता है, जो देश-विदेश में सक्रिय हैं।

पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल

DCP अभिषेक धानिया का बयान भले ही अनजाने में दिया गया हो, लेकिन यह पुलिस की कार्यशैली और छवि पर सवाल उठाता है। जब एक वरिष्ठ अधिकारी खुले मंच पर एक गैंगस्टर को "साहब" कहता है, तो इससे आम जनता में गलत संदेश जाता है। यह न केवल पुलिस की गंभीरता पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शायद अपराधियों का खौफ हावी हो रहा है। अगर पुलिस ही गैंगस्टर को साहब कहेगी, तो आम आदमी का क्या होगा? 

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Published By:
 Sagar Singh
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