Delhi: मेट्रो फेज-IV से दिल्ली को मिलेगी नई रफ्तार, सरकार ने 3386 करोड़ रुपये किए जारी, इन जगहों पर बनेंगे 3 नए नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो फेज-IV के लिए दिल्ली सरकार ने 3386.80 करोड़ रुपये जारी किए हैं। जानते हैं इस नए फेज से दिल्ली के किन इलाकों को सुविधा मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर।
- भारत
- 3 min read

DMRC and Delhi Govt News: दिल्ली का दिल कहे जाने वाली दिल्ली मेट्रो से जुड़ी एक खुशी की खबर मिली है। दिल्ली सरकार ने राजधानी की परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो फेज - IV के तहत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण के लिए दिल्ली सरकार ने अपने हिस्से के बजट से प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
इस प्रोजेक्ट में दिल्ली सरकार 3386.80 करोड़ रुपये का योगदान देगी। इस बड़ी योजना की कुल लागत 14630.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दिल्ली सरकार को इसमें से 3386 करोड़ 18 लाख रुपये देने हैं। इस फैसले से दिल्ली को 47 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो नेटवर्क मिलेगा, जो निर्माण कार्य को तेजी देगा। इससे यातायात में सुधार आएगा और सड़क जाम, प्रदूषण जैसी समस्याएं कम होंगी।
मेट्रो के नए कॉरिडोर से सड़कों पर ट्रैफिक में कमी होगी
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज सिंह ने इस फैसले को राजधानी की स्मार्ट मोबिलिटी के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि नए कॉरिडोर से सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। आम लोगों की यात्रा आसान, तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। मेट्रो के विस्तार से दिल्ली को सस्टेनेबल शहर बनाने में मदद मिलेगी।
ये तीन नए मेट्रो कॉरिडोर होंगे
मेट्रो फेज - IV के तहत फंड जारी किए गए तीन कॉरिडोर में 1. लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक
2. इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक
3. रिठाला से कुंडली तक
Advertisement
इन कॉरिडोर के शुरू होने से दक्षिण, मध्य और उत्तर दिल्ली के साथ NCR इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। दिल्ली सरकार का कहना है कि इससे लाखों यात्रियों को रोजाना राहत मिलेगी। ईंधन की खपत घटेगी, वायु प्रदूषण कम होगा और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
ट्रैफिक और पर्यावरण पर असर
दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या के बारे में हर किसी को पता है, आज की डेट में दिल्ली के प्रदूषण और ट्रैफिक ने राजधानी में जीना मुश्किल किया हुआ है, ऐसे में ये नया मेट्रो नेटवर्क इन चुनौतियों से निपटने में काफी हद तक मदद कर सकता है। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देकर सरकार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रही है। इससे दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। यह फैसला केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने का हिस्सा है।