दिल्ली में और पावरफुल हुए LG, राष्ट्रपति के आदेश के बाद मिलीं ये शक्तियां... जानिए क्या कुछ बदलेगा?

नोटिफिकेशन के अनुसार दिल्ली में किसी भी प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या वैधानिक निकाय के सदस्यों को बनाने और नियुक्त करने की शक्ति एलजी के पास होगी। पहले यह शक्तियां

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
vk saxena
एलजी वीके सक्सेना | Image: @ANI

Delhi News: दिल्ली के उपराज्यपाल की शक्तियों में इजाफा हुआ है। राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद अब एलजी को दिल्ली में किसी भी प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या वैधानिक निकाय का गठन करने की शक्तियां मिल गई हैं। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

फैसला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 के तहत लिया गया है। मंगलवार (3 सितंबर) को गृह मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया और इसकी जानकारी दी। शक्तियां मिलने के बाद अब दिल्ली के राज्यपाल दिल्ली महिला आयोग (DCW) और दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) जैसे किसी भी प्राधिकरण, बोर्ड या फिर आयोग का गठन करने का पूरा अधिकार मिल गया है।

गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम, 1991 (1992 के 1) की धारा 45डी के साथ, संविधान के अनुच्छेद 239 के खंड (1) के अनुसरण में राष्ट्रपति निर्देश देती हैं कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल, राष्ट्रपति के नियंत्रण के अधीन रहते हुए तथा अगले आदेश तक उक्त अधिनियम की धारा 45डी के खंड (क) के अधीन राष्ट्रपति की शक्तियों का प्रयोग किसी प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या किसी वैधानिक निकाय के गठन के लिए करेंगे। चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, या ऐसे प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या किसी वैधानिक निकाय में किसी सरकारी अधिकारी या पदेन सदस्य की नियुक्ति के लिए करेंगे।’’

...तो फिर बढ़ेगा दिल्ली का सियासी पारा?

नोटिफिकेशन के अनुसार दिल्ली में किसी भी प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या वैधानिक निकाय के सदस्यों को बनाने और नियुक्त करने की शक्ति एलजी के पास होगी। पहले यह शक्तियां दिल्ली सरकार के पास थीं। अब केंद्र सरकार ने यह शक्तियां एलजी को दे दी हैं। वैसे ही दिल्ली में अधिकारों को लेकर एलजी और दिल्ली सरकार के बीच खींचतान बनी रहती हैं। यह तय माना जा रहा कि इस फैसले के बाद दिल्ली का सियासी पारा हाई हने की पूरी पूरी संभावनाएं हैं।

Advertisement

यह भी पढ़ें: दिल्ली से मेरठ तक अकूत संपत्ति के मालिक हैं अमानतुल्लाह खान, जानिए कहां तक पढ़ें हैं AAP विधायक
 

Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड