अपडेटेड 8 February 2026 at 14:54 IST

'मौत के गड्ढे' में तड़प रहा था कमल, 4 लोगों ने देखा लेकिन बचाया किसी ने नहीं; दिल्‍ली में कैसे दम तोड़ी इंसानियत? CCTV में कैद हुआ सबकुछ

Janakpuri Accident: दिल्ली के जनकपुरी हादसे में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस को मिले CCTV में सामने आया कि, 4 लोगों ने कमल को गड्ढे में देखा लेकिन फिर भी उसकी मदद नहीं की।

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Janakpuri Accident CCTV
जनकपुरी हादसा: 4 लोगों ने कमल को गड्ढे में तड़पता देखा, लेकिन बचाया नहीं, पुलिस को मिला CCTV | Image: Republic

Delhi Jal Board Negligence: दिल्ली के जनकपुरी में कमल की गड्ढे में गिरकर हुई मौत मामले में एक दिनों चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस गहनता से हादसे की जांच कर रही है, इस बीच गड्ढे के पास एक कैफे की CCTV फुटेज भी पुलिस के हाथ लगी है। जिसमें नया खुलासा हुआ कि 4 लोगों ने कमल को गड्ढे में गिरते देखा और उसके बाद उसे वहीं तड़पता छोड़ गए। किसी ने न तो मदद की न ही पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। ये इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना है।  

CCTV में कैद हुई बड़ी लापरवाही

जिस वक्त कमल गड्ढे में गिरा उस वक्त करीब 12 बजे थे, कमल अपनी बाइक से गुजर रहा था, तभी वह दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में जा गिर गया। पास के कैफे की CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि, कमल के गड्ढे में गिरने के बाद, कार सवार विपिन ने अपनी गाड़ी रोकी और गड्ढे झांककर देखा। उस वक्त कमल बाइक के नीचे दबा था और बाइक की लाइट जल रही थी।

जनकपुरी हादसे पर चौंकाने वाला खुलासा, कमल को 4 लोगों ने गड्ढे में देखा, लेकिन बचाया नहीं
ANI

4 लोगों ने देखा और चुपचाप निकल लिए

गाड़ी रोकर कमल को देखने वाले विपिन ने जब देखा कि गड्ढे में बाइक गिरी है तो उसने कॉलोनी के सुरक्षाकर्मी देशराज को बताया, जिन्होंने जल बोर्ड कर्मचारी योगेश को तुरंत सूचना दी। जिसके बाद योगेश ने ठेकेदार राजेश प्रजापति को फोन किया। लेकिन इसके बाद विपिन घर चला गया। हैरान कर देने वाली बात ये है कि गड्ढे में कमल के गिरने का पता होने के बावजूद सुरक्षाकर्मी देशराज कैफे के बाहर बैठ गया। जल बोर्ड कर्मचारी योगेश झुग्गी में जाकर सो गया, वहीं फोन करने के बाद सब कॉनट्रैक्टर राजेश प्रजापति भी मौके पर पहुंचा लेकिन गड्ढा देखने के बाद चुपचाप लौट गया।

हादसे का जिम्मेदार कौन? 

दिल्ली जल बोर्ड की जांच रिपोर्ट में फिलहाल ठेकेदार की लापरवाही और अधिकारियों की गलती को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क को बैरिकेड से बंद किया गया था, लेकिन बीच में खाली जगह छोड़ दी गई, जिससे कमल गड्ढे में गिर गया। जिसके बाद सीनियर इंजीनियर रमेश कुमार गुप्ता, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आजाद सिंह ग्रेवाल, असिस्टेंट इंजीनियर वंदना और जूनियर इंजीनियर आलोक कुमार पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है।  

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सब कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति गिरफ्तार है

वहीं सब कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पुलिस ने जो FIR दर्ज कि उसके मुताबिक,  गड्ढा 14 फीट गहरा, 20 फीट लंबा और 13 फीट चौड़ा था। वहां कोई चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या रोशनी नहीं थी। इसके अलावा डॉक्टरों ने बताया कि, कमल के चेहरे और पेट पर चोट के निशान थे, वह मुंह के बल गिरा था। बता दें सुबह दमकल विभाग ने कमल के शव को गड्ढे से बाहर निकाला। फिलहाल जांच कमेटी ने सिफारिश की है कि सभी कार्यस्थलों पर बैरिकेडिंग हो और हरे पर्दे लगें होने अनिवार्य हो। इसके बाद दिल्ली सरकार ने सभी खुदाई स्थलों की रिपोर्ट 3 दिन में मांगी है।

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कमल के परिवार ने क्या कहा? 

कमल के परिवार ने गढ़वाल हितैषिणी सभा के माध्यम से उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखा है। वे उचित मुआवजा, सरकारी नौकरी और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गढ़वाल हितैषिणी सभा के महासचिव पवन कुमार मैठानी ने कहा कि यह प्रशासन की लापरवाही से हुई मौत है। यह घटना ने न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार किया, शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़े सवाल उठाए जा रहे हैं।    

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 8 February 2026 at 09:42 IST