Delhi Hotel Fire: मालवीय नगर अग्निकांड के 26 घंटे बाद अस्पताल पहुंची CM रेखा गुप्ता, पीड़ितों से की मुलाकात; जानें क्या कहा?
दिल्ली में मालवीय नगर होटल अग्निकांड में जो लोग घायल हुए हैं उनसे मिलने के लिए CM रेखा गुप्ता अस्पताल पहुंचीं हैं। इस हादसे में 11 विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। अभी ये सवाल उठाए जा रहे हैं कि घायलों को अगर वक्त पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। पढ़ें पूरी खबर।
- भारत
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Delhi Hotel Fire Update: दिल्ली में मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आग के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अस्पताल पहुंची हैं। यहां उन्होंने भर्ती पीड़ितों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। हादसे में 11 विदेशी नागरिकों की मौत के साथ कुल 21 लोगों की जान गई है।
इससे पहले दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद घटनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट ली और बचाव कार्यों की समीक्षा की। सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। आग की वजह का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। लेकिन ये भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि घटनास्थल पर एंबुलेंस देरी से पहुंची थी, अगर घायलों को टाइम रहते अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद काफी लोगों की जान बच सकती थी।
घायलों से मिली सीएम रेखा गुप्ता
सीएम रेखा गुप्ता ने पोस्ट कर लिखा- 'साकेत के मैक्स हॉस्पिटल में आग लगने की दुखद घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। घायलों और उनके परिवार वालों से बात की, इलाज कर रहे डॉक्टरों से इलाज का रिव्यू किया और अधिकारियों को हर जरूरी मदद देने का निर्देश दिया।'
मरने वालों को 10 लाख, गंभीर घायलों को 5 लाख की मदद
सीएम रेखा ने पोस्ट में आगे लिखा- 'घायलों के मेडिकल खर्च का इंतजाम हॉस्पिटल अधिकारियों के साथ मिलकर किया जाएगा, ताकि हर मरीज़ को सबसे अच्छी देखभाल मिल सके। हर मरने वाले के परिवार को ₹10 लाख की मदद दी जाएगी और जो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें ₹5 लाख की मदद मिलेगी। मरने वालों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घरों तक पहुंचाने का इंतजाम किया जा रहा है। दिल्ली सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। हम घायलों के जल्दी ठीक होने और इस मुश्किल समय में दुखी परिवारों को हिम्मत देने की प्रार्थना करते हैं।'
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होटल के मालिक ने पूछताछ में क्या बताया?
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के मुख्य आरोपी होटल के मालिक लवकेश बजाज को पुलिस हिरासत में ले लिया गया, आरोप फरार होने के बाद सड़क पर घूम रहा था इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ा, इसके बाद जब पूछताछ हुई तो आरोपी ने कई बड़े खुलासे किए हैं, जिससे पता चलता है कि कितनी लापरवाही से होटल चल रहा था।
मालवीय नगर के 'फ्लरिश स्टे' होटल और रेस्टोरेंट के मालिक लवकेश बजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया, हादसे के बाद से आरोपी अपने परिवार सहित फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया था। पुलिस आज (4 जून) आरोपी को दोपहर 2 बजे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की जा सकती है ताकि मामले की गहन जांच हो सके।
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पूछताछ में आरोपी के चौंकाने वाले खुलासे किए
दिल्ली पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी लवकेश बजाज ने दावा किया है कि उसके पास होटल के रोजमर्रा के कामकाज को खुद देखने या संभालने का समय नहीं था। उसने इस पूरी व्यवस्था, बिलिंग और हिसाब-किताब की जिम्मेदारी किसी दूसरे व्यक्ति को सौंप रखी थी। बजाज ने पुलिस को बताया कि इमारत में कमरों का आकार बढ़ाने और कुछ फेरबदल करने जैसे बदलाव भी उसी दूसरे व्यक्ति के सुझाव पर किए गए थे।
'दिल्ली में सब कुछ चलता है'- आरोपी
आरोपी लवकेश बजाज के मुताबिक, उस व्यक्ति ने उसे भरोसा दिलाया था कि इस तरह के इंतजाम 'आम बात' हैं और 'दिल्ली में सब कुछ चलता है।' पूछताछ के दौरान बजाज ने यह भी स्वीकार किया कि इस व्यावसायिक इमारत के पास अनिवार्य फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था।
मालवीय नगर अग्निकांड की पूरी कहानी ?
दिल्ली में मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल के बेसमेंट रेस्तरां में 3 जून को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर जो आल लगी इसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। आग बेसमेंट से तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 11 विदेशी (लाइबेरिया, मोजाम्बिक, नाइजीरिया, कांगो समेत) और 10 भारतीय शामिल हैं। मरने वाले भारतीयों में 8 राजस्थान और हरियाणा से थे। कुल 35 लोग इस हादसे का शिकार हुए। जिनमें से अभी भी 19 की हालत गंभीर है। आशंका जताई जा रही है कि मरने वाले लोगों की संख्या और बढ़ सकती है। क्योंकि कई घायल वेंटिलेटर पर हैं।
अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, होटल में फायर NOC नहीं थी और सिर्फ 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन 25 कमरे चल रहे थे। हादसे के बाद मालिक लवकेश बजाज को गैर इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच उन्होंने कई खुलासे किए हैं।
जब आग लगी, तब कैसा था मंजर?
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 40 लोगों को रेस्क्यू किया। वहीं स्थानीय लोगों ने गद्दे बिछा बिछाकर कई लोगों की जान बचाई, जिनमें तीसरी-चौथी मंजिल से कूदने वाले भी शामिल हैं। देखते ही देखते चारों और चीख पूकार मच गई। फिर दुखद सूचना आती है कि मैक्स अस्पताल में 18 लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी।
पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। दिल्ली LG ने फायर सेफ्टी न मानने वाली इमारतों पर सीलिंग के आदेश दिए हैं। जिसके बाद दिल्ली में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है।