Delhi Flood: सड़कों पर नाव, घरों-कालोनियों में घुसा पानी...बाढ़ की दहलीज पर दिल्ली; खतरे के निशान को पार कर गई यमुना
राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का संकट और गहरा दिया है। नदी का निचला इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया है। दिल्लीवालों के लिए 24-48 घंटे बेहद भारी होने वाला है।
- भारत
- 3 min read
Delhi Flood: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। यमुना अपने रौद्र रूप में आ गई है। नदी की तेज धार अपने साथ सबकुछ बहा कर ले जाने को व्याकुल है। दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर तक पहुंच चुका है, जिसके बाद निचला इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया है। यमुना बाजार में तो हालात ऐसे हैं कि नाव से लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है।
यमुना का बढ़ता जलस्तर रिहायशी कॉलोनियों तक पहुंच गया। बदरपुर, ट्रांस-यमुना क्षेत्र, खासकर मयूर विहार फेज-1, यमुना बाजार और नजफगढ़ क्षेत्र के झरोड़ा कलां गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया है। निगमबोध घाट तो बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब गया है। लोग अपने घरों को छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। दिल्ली पुलिस और रेस्क्यू टीम पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला रही है।
यमुना बाजार हुआ जलमग्न
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर 205.33 मीटर को पार कर 206.78 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे बाढ़ का संकट और गहरा गया है। भारी बारिश और हथिनीकुंड, वजीराबाद, व ओखला बैराज से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी ने निचले इलाकों जैसे झरोड़ा कलां, मयूर विहार, और यमुना बाजार में तबाही मचाई है। घरों में पानी घुस गया, सड़कें नदियों में बदल गईं, और लोग अपने सामान बचाने व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की जद्दोजहद में हैं।
ITO बैराज पहुंचे मंत्री प्रवेश वर्मा
राहत और बचाव टीमें बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। बुधवार को PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने आईटीओ बैराज का दौरा किया और आश्वासन दिया कि 2023 जैसे हालात नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि यमुना किनारे बसे लोगों को बार-बार स्थानांतरित होने को कहा गया, पर वे नहीं गए। अब उन्हें रेस्क्यू कर स्कूलों में बने कैंपों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा, "किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। ये हमारी गारंटी है कि कोई बाढ़ नहीं आएगी। हमने यमुना की होल्डिंग कैपेसिटी बढ़ाने का काम किया है। स्थिति ठीक है। सब लोग एकदम सुरक्षित हैं।"
Advertisement
दिल्ली के लिए 24 घंटे बेहद अहम
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया, बुधवार की सुबह ओल्ड रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 206.74 मीटर था। हथिनीकुंड से 1,70,728 क्यूसेक, वजीराबाद से 1,25,485 क्यूसेक, और ओखला से 1,65,145 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसने स्थिति को और गंभीर किया। भारी बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण अगले 24-48 घंटे अहम हैं, क्योंकि जलस्तर और बढ़ सकता है।