Delhi Ring Road: दिल्ली की एलिवेटेड रिंग रोड परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, उत्तर से दक्षिण दिल्ली तक खत्म होगा जाम; टाइम भी बचेगा
दिल्ली एलिवेटेड रिंग रोड परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है क्योंकि, 6 चरणों का डीपीआर तैयार हो चुका है। जो मुकरबा चौक से आश्रम तक का सफर आसान करने जा रहा है। उत्तर से दक्षिण दिल्ली वाले रास्तों पर जाम की समस्या इससे खत्म हो जाएगी, साथ ही टाइम भी बचेगा। जानें ये परियोजना दिल्ली के लिए क्यों खास है? पढ़ें पूरी खबर।
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Delhi Elevated Ring Road project: उत्तर दिल्ली से दक्षिण दिल्ली की सड़कों पर घंटों जाम में फंसे रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। क्योंकि दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'एलिवेटेड रिंग रोड परियोजना' ने अब गति पकड़ ली है। सरकार ने इस परियोजना के 6 चरणों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी कर ली है, जिससे उत्तर और दक्षिण दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी बेहद आसान हो जाएगी।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुताबिक, इस पूरे कॉरिडोर की योजना को मूर्त रूप देने के लिए सलाहकारों द्वारा डीपीआर सौंप दी गई है और वर्तमान में इस पर तकनीकी जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि काम को प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा।
रिंग रोड के ऊपर बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
लगभग 7,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना मौजूदा रिंग रोड के ऊपर एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की भीड़भाड़ को कम करना और टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देना है।
दिल्ली के लिए क्यों खास है ये परियोजना?
दिल्ली के लिए ये परियोजना इसलिए खास है क्योंकि इसका काम मुकरबा चौक ( करनाल बायपास) से आश्रम चौराहे के बीच किया जाएगा। जिससे उत्तर और दक्षिण दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी। बतादें, शुरुआती चरणों में आजादपुर फ्लाईओवर से हनुमान मंदिर (आईएसबीटी) (9.5 किमी), चांदगी राम अखाड़ा से मजनू का टीला (2.5 किमी) और हनुमान मंदिर (आईएसबीटी) से डीएनडी फ्लाईओवर (11.5 किमी) शामिल हैं। साथ ही, यह एलिवेटेड रोड मुकरबा चौक, आजादपुर फ्लाईओवर और डीएनडी रोड को सीधे आश्रम फ्लाईओवर से जोड़ेगी, जो दक्षिण दिल्ली की लाइफलाइन है।
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लंबे जाम से मिलेगी राहत
पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बताया कि 55 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यात्रा के समय में कटौती के रूप में मिलेगा। मुकरबा चौक से आश्रम के बीच के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले लंबे जाम से निजात मिलने से लोगों का कीमती समय बचेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी।
सरकार का मानना है कि 'महात्मा गांधी रोड कॉरिडोर' के पुनर्विकास और इस एलिवेटेड सड़क के पूरा होने के बाद दिल्ली का यातायात ढांचा आधुनिक और सुदृढ़ हो जाएगा। फिलहाल, विभाग जमीनी निरीक्षण के आधार पर आगे के निर्माण कार्य को अंतिम रूप देने में जुटा है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के शहरी विकास और बेहतर परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।