Delhi Building Collapse: दिल्ली हाई कोर्ट में आज सुनवाई, फरार बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

Delhi Building Collapse: सोमवार को एक वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने सत्य निकेतन में इमारत गिरने का मामला उठाया और घटना की गंभीरता को देखते हुए इस पर तुरंत सुनवाई की मांग की। ऐसे में चीफ जस्टिस आज ही इस मामले की सुनवाई करने के लिए सहमत हो गए।

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Delhi Building Collapse
Delhi Building Collapse | Image: ANI/X

Delhi Building Collapse: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत ढहने का गंभीर मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को चीफ जस्टिस के सामने इस दर्दनाक हादसे को उठाया गया, जिस पर मुख्य न्यायाधीश ने गंभीरता दिखाते हुए आज ही त्वरित सुनवाई का भरोसा दिया है।

दूसरी तरफ, हादसे के बाद से फरार चल रहे बिल्डिंग के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ दिल्ली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने आरोपी मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने के साथ ही देश छोड़कर भागने से रोकने के लिए लुकआउट नोटिस (LOC) भी जारी कर दिया है। फरार हरिराम बंसल की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

PG मालिक की तलाश में जुटी दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग के कथित मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में लोकल डिस्ट्रिक्ट पुलिस, स्पेशल स्टाफ़ और दूसरी ऑपरेशनल यूनिट्स के जवान शामिल हैं। हर टीम की अगुवाई एडिशनल DCP रैंक का एक अफसर कर रहा है। पुलिस हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही है।

12 लोगों को किया गया रेस्क्यू, 6 की मौत

वहीं मामले में अधिक जानकारी देते हुए एनडीआरएफ के महानिरीक्षक एन.एस. बुंदेला ने बताया, 'हमारी 2 टीम रेस्क्यू कार्य में लगी हैं। 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया है जिसमें से 6 लोगों की मौत हो गई और 5 का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी एक और व्यक्ति को चिह्नित किया गया है। NDRF और फायर सर्विस की टीमें उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रही है। शायद वह बेहोश है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने में आज पूरा दिन लग सकता है।' 

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उन्होंने आगे कहा, 'हम फायर सर्विस के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और हमें दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग मिल रहा है। तो, यह एक संयुक्त प्रयास है जिसे हम अभी कर रहे हैं। डॉग स्क्वाड को जीवन का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। हम इसके लिए डॉग स्क्वाड का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसी घटनाओं में, जहां इमारतें गिर जाती हैं, हम इमारत को स्थिर करने के लिए शोरिंग उपकरण, मलबे के अंदर जीवित पीड़ितों की पहचान करने के लिए खोज और पता लगाने वाले उपकरण और काटने और तोड़ने के लिए तकनीकी उपकरणों का उपयोग करते हैं- जो भी आवश्यक हो- ताकि हम पीड़ितों को मलबे से बाहर निकाल सकें। हमारी टीमें काम कर रही हैं, और जैसे-जैसे ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, हम अपडेट देते रहेंगे। हमारे पास तकनीकी खोज और बचाव का काम है, इसलिए हम उस पर काम कर रहे हैं।'

'इस मामले की निगरानी कर रही सरकार'

एनडीआरएफ के महानिरीक्षक कहा कि राज्य सरकार पहले से ही इस मामले को देख रही है। दिल्ली सरकार स्थिति का आकलन कर रही है। मेरे लिए सटीक समय के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल होगा, लेकिन इसमें पूरा दिन लग सकता है क्योंकि मलबा हटाने और मलबे के अंदर पीड़ितों का पता लगाने में बहुत समय लगता है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड