बेसमेंट में डाल दिया 3 ट्रक मलबा और बिना सपोर्ट हटा दी एक दीवार तो भरभरा कर गिर गई इमारत... सत्य निकेतन हादसे की जांच में बड़ी लापरवाही का खुलासा

पूछताछ में पता चला है कि नवीनीकरण के काम के लिए नियुक्त ठेकेदार सनोज कुमार को प्रति दिन के हिसाब से 2800 रुपये मिलता था। इस इमारत का इस्तेमाल पीजी के रूप में किया जाता था। छात्रों को हाई रेट पर कमरा दिया जाता था। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से ठेकेदार सनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। उसने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।

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सत्य निकेतन हादसे की जांच में बड़ी लापरवाही का खुलासा
सत्य निकेतन हादसे की जांच में बड़ी लापरवाही का खुलासा | Image: Republic

दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत के बाद पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद दिल्ली नगर निगम, दिल्ली सरकार और प्रशासन पर कई सवाल उठे थे। दिल्ली पुलिस ने इस हादसे के बाद अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से ठेकेदार सनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। सनोज ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं।

दीवार हटाने के कारण हुआ बड़ा हादसा

सत्य निकेतन इमारत के ढहने के कारणों की जांच में दिल्ली पुलिस को पता चला है कि इमारत के नवीनीकरण कार्यों में कई लापरवाही बरती गई थी। जांच के मुताबिक, हादसे से करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता के आदेश पर इमारत के रिनोवेशन का काम दिया गया था। नवीनीकरण के तहत इमारत के बेसमेंट को ग्राउंड लेवल के बराबर करना था। इसके लिए बेसमेंट में 3 ट्रक मलबा भर दिया गया था। हादसे वाले दिन, दुकान को बड़ा करने के मकसद से बिना सपोर्ट दिए बेसमेंट की एक दीवार कथित रूप से हटा दी गई थी. यही हादसा का बड़ा कारण बना।

पूछताछ में क्या-क्या हुआ खुलासा

पूछताछ में पता चला है कि नवीनीकरण के काम के लिए नियुक्त ठेकेदार सनोज कुमार को प्रति दिन के हिसाब से 2800 रुपये मिलता था। इस इमारत का इस्तेमाल पीजी के रूप में किया जाता था। ऐसे में छात्रों को ऊंची रेट पर कमरा दिया जाता था। दिल्ली पुलिस ने पीजी संचालक सुधांशु लवनीश को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

हादसे के बाद कौन-कौन गिरफ्तार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुधांशु और उसका साथी शुभम त्यागी अगस्त 2025 में इमारत की चार मंजिल 1.05 लाख प्रति माह के किराए पर ली थी। तीनों आरोपियों महेश गुप्ता, सनोज कुमार और सुधांशु लवनीश को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

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बता दें कि इस हादसे में ज्यादातर छात्रों की मौत हुई थी। वे इस पीजी में रहते थे और हादसे के वक्त घर में मौजूद थे। सत्य निकेतन हादसे के बाद मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी पहुंची थी और मुआयना किया था। उन्होंने ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए एमसीडी के 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था। सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत के बाद पूरे मामले पर खूब सियासी बवाल मचा था। आम आदमी पार्टी ने पूरे मामले में रेखा सरकार को कटघड़े में खड़ा किया था। बाद में मामला दिल्ली हाई  कोर्ट पहुंचा। 

दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई फटकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने घटना पर तीखी टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि अगर अधिकारी अपना कार्य इमानदारी पूर्वक निभाते तो हादसा नहीं होता। कोर्ट ने इस मामले में एमसीडी, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी। हादसे के बाद मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी और बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया है।

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Published By:
 Sujeet Kumar
पब्लिश्ड