Delhi: एक्शन में CM रेखा गुप्ता, अरविंद केजरीवाल को फिर घेरने की तैयारी; AAP सरकार कार्यकाल की खुलेगी एक और फाइल?
दिल्ली सरकार मंगलवार को विधानसभा में दिल्ली में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम पर CAG रिपोर्ट पेश करेगी।
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Delhi CAG Report: दिल्ली की पिछली अरविंद केजरीवाल की सरकार के कारनामे लगातार खुल रहे हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बदली है और बीजेपी की सरकार 27 साल बाद सत्ता पर काबिज है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में अब बीजेपी सरकार दिल्ली विधानसभा में बारी-बारी से कैग (CAG) रिपोर्ट पेश कर रही है, जो केजरीवाल की सरकार में अटकी हुई थीं। इसी तरह एक अप्रैल को दिल्ली विधानसभा में नई कैग रिपोर्ट पेश करने की तैयारी की जा रही है।
रेखा गुप्ता की सरकार मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में नई कैग रिपोर्ट पेश करेगी। मंगलवार, 1 अप्रैल को दिल्ली में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम पर CAG रिपोर्ट आएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सदन में पटल पर CAG रिपोर्ट रखेंगी। विधानसभा की कार्यसूची में बताया गया है कि 'मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता 31 मार्च 2021 में समाप्त हुए साल के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के दिल्ली में वाहन वायु प्रदूषण रोकथाम और शमन पर निष्पादन लेखा परीक्षा प्रतिवेदन की प्रतियां सदन पटल पर पेश करेंगी।'
डीटीसी पर कैग रिपोर्ट में कई खुलासे हुए
इसके पहले दिल्ली विधानसभा में डीटीसी को लेकर कैग रिपोर्ट पेश हुई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि पिछली AAP सरकार के दौरान डीटीसी को 70471 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। मुख्यमंत्री कहा, 'उन्होंने एक मुनाफे वाले विभाग को घाटे में डाला। डीटीसी को 70471 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। 14198 करोड़ रुपये का परिचालन घाटा हुआ। 814 में से केवल 468 रूटों पर बसें चलाई गईं।' रेखा गुप्ता ने दावा किया कि सिर्फ विज्ञापनों पर पैसा खर्च किया गया। यहां तक कि केंद्र से मिले 233 करोड़ रुपये भी खर्च नहीं किए गए।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि डीटीसी की भागीदार एजेंसी आईडीएफसी ने दिल्ली सरकार को इसके शेयर खरीदने की सलाह दी थी। उन्होंने (पिछली सरकार) स्वीकार नहीं किया और आईडीएफसी ने 95 करोड़ के शेयर एक निजी कंपनी को मात्र 10 करोड़ में बेच दिए। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट लोक लेखा समिति (पीएसी) को भेजी जानी चाहिए।