Delhi Building Collapse: सीमापुरी बिल्डिंग हादसे में मलबे से एक और शव बरामद, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 4; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सीमापुरी के इदगाह मछली मंडी चार मंजिला इमारत ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। गुरुवार सुबह मलबे से एक और शव बरामद हुआ है।
- भारत
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दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार को चार मंजिला इमारत ढहने की घटना में मौतों का आंकड़ा गुरुवार सुबह बढ़कर चार हो गया। मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद हादसे में मारे गए लोगों की संख्या चार पहुंच गई है। इनमें एक गर्भवती महिला और एक बच्चा भी शामिल हैं। मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की संभावना को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, NDRF, DDMA और MCD की टीमें मौके पर मौजूद है।
न्यू सीमापुरी के इदगाह मछली मंडी क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 3:10 बजे यह इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे से अब तक आठ लोगों को निकाला गया है, जिनमें से तीन की मौत पहले हो चुकी थी। बचाव दल गुरुवार सुबह मलबे से एक और शव को निकाला। डीएम अजय कुमार खुद मौके पर मौजूद होकर राहत और बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू का 25% काम अभी बचा हुआ हैय़
इमारत के मलबे से मिला एक और शव
डीएम अजय कुमार ने कहा, "अब तक कुल 8 घायल लोगों को हमने बचाया है और 3 मृत महिला हमें मिली हैं और हमें एक बॉडी पार्ट मिला है जो कि हमें एक बच्ची का लग रहा है। ऐसी भी आशंका जताई जा रही है और लोकल जांच में बता रहे हैं कि अभी एक से दो लोग और दबे होने की आशंका है। लगभग 75% काम पूरा हो गया है 25% काम अभी हमारा बचा हुआ है तो हमें लग रहा है कि अभी लगभग 4-5 घंटे और काम चलेगा। हमारी टीम कल से लेकर अब तक लगातार काम कर रही है और हमारा प्रयास इसे जल्द से जल्द पूरा करने का है।
कैसे गिरी चार मंजिला इमारत
पूछताछ से भी पता चला कि जो इमारत गिरी है उसके बगल वाली इमारत ने कुछ अवैध रूप से निर्माण कर लिया था जिसके वजह से ये घटना हुई है। बाकि तो जांच का हिस्सा है उसके बाद हम बता पाएंगे। इस 4 मंजिला इमारत में एक मकान मालिक अपने परिवार के साथ रहता था और साथ ही 2 किराएदार भी रहते थे और कुछ लोग वहां काम भी करते थे। लगभग 7-8 लोग रहते थे उसमें दो लोग वहां पर नहीं थे।
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पास की इमारत भी जर्जर
अजय कुमार ने आगे बताया, जांच के बाद हम पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी दे पाएंगे। इस घटना से दो और इमारत मेजर रूप से क्षतिग्रस्त हुई है और एक इमारत को मामूली नुकसान पहुंचा है अब ये तीनों इमारत रहने लायक नहीं है। इसके बारे में हम MCD से बात किए हैं। अब इस तीनों इमारत में किसी को रहने की अनुमति नहीं मिलेगी।
सीएम ने दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाव कार्यों में तेजी लाएं और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद व देखभाल उपलब्ध कराएं। बताया जा रहा है कि यह इमारत 15 से 20 साल पुरानी थी। शुरू में यह दो मंजिला थी, लेकिन पिछले साल इसके ऊपर दो और मंजिलें बना दी गईं। मंगलवार रात आए भूकंप के बाद मकान में कई जगह दरारें आ गई थीं। मकान मालिक ने इमारत खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन पूरी तरह खाली होने से पहले ही बुधवार को मकान का अगला हिस्सा अचानक गिर गया और पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया।
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सवालों के घेरे में MCD
यह हादसा दिल्ली में जर्जर और असुरक्षित इमारतों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। इससे पहले 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई थी। उस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें पांच दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र शामिल थे। करीब 27 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से सभी शव निकाले गए थे।