Rain Alert: दिल्ली-NCR से लेकर UP बिहार तक बिगड़ेगा मौसम का मिजाज, तेज आंधी तूफान के साथ होगी झमाझम बारिश, पढ़े IMD का ताजा अपडेट
पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई राज्यों में आंधी, तेज बारिश, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि का दौर चल रहा है। IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक, दिल्ली-NCR में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना है।
- भारत
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दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम का मिजाज इन दिनों बदला-बदला सा है। पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई राज्यों में आंधी, तेज बारिश, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि का दौर चल रहा है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग IMD ने राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार कुछ दिनों से हो रही बारिश के असर से तापमान में करीब 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मार्च का महीना चल रहा, मगर बारिश की वजह से लोगों को तपती गर्मी से अब तक राहत मिली है। मंगलवार को भी आसमान में बादल छाए हुए हैं। ठंडी-ठंडी हवाएं चल रही है।IMD ने अगले तीन दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
IMD ने जारी किया बारिश का अलर्ट
IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में बारिश, तेज हवाएं और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। दिन के दौरान या शाम-रात के समय हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर गरज-चमक और आंधी भी देखने को मिल सकती है। वहीं, कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।
इन राज्यों में ओला गिरने से नुकसान
राजस्थान, कर्नाटक और केरल में बीते दिनों गिरे ओलों ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खासकर रबी फसलों जैसे गेहूं और अन्य सब्जियों पर असर पड़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक पूरे देश में आंधी-तूफान की संभावना बनी हुई है।
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UP-बिहार में होगी झमाझम बारिश
IMD ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40-60 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे ज्यादा रहने की संभावना है, जिससे फसलों, बिजली के खंभों और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है। कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ ओले भी गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और प्री-मानसून की शुरुआती गतिविधियां अनियमित मौसम का कारण बन रही हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में बर्फबारी और बारिश के साथ ही पूर्वी और मध्य भारत में तूफानी गतिविधियां बढ़ गई हैं।