रोज आधे घंटे पत्नी से मुलाकात, घर का खाना...जेल में ऐसे कटेंगे CM केजरीवाल के 6 दिन

ED के रिमांड के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हर रोज अपने पत्नी से आधे घंटे तक मिल सकेंगे और उन्हें घर का खाना खाने की भी इजाजत दी गई है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
CM Arvind Kejriwal
ED को मिली अरविंद केजरीवाल की रिमांड | Image: PTI

Delhi Liquor Case: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) को आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 21 मार्च को गिरफ्तारी किया था। गिरफ्तारी के बाद ED ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने 28 मार्च तक केजरीवाल को ED की हिरासत में भेज दिया है। मगर उनकी खराब सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें कुछ सहूलियत दी है।

अरविंद केजरीवाल ED की कस्टडी में भी घर का ही खाना खाएंगे। केजरीवाल को अपने वकील के साथ-साथ पत्नी से भी मिलने की इजाजज दी गई है। केजरीवाल की खराब सेहत को देखते हुए उन्हें वही खाना मुहैया कराने को कहा गया है जो डॉक्टर्स ने उनकी डाइट में लिखा है। कोर्ट ने ईडी को आदेश दिया है कि अगर डॉक्टर्स द्वारा सुझाई गई डाइट वो उपलब्ध नहीं करा पाते हैं तो ऐसी स्थिति में उनको घर का खाना खाने की इजाजत होगी।

अरविंद केजरीवाल रोज आधे घंटे पत्नी से कर सकेंगे मुलाकात

ईडी के रिमांड के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री हर रोज अपने पत्नी से आधे घंटे तक मिल सकेंगे। CrPC के सेक्शन 41 D के तहत  कजेरीवाल अपने वकील मोहम्मद इरशाद और विवेक जैन से भी शाम 6 बजे तक मिलने की इजाजत दी गई है। पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ-साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री को अपने निजी सचिव विभव कुमार से भी मिलने की इजाजत दी गई है।

CCTV की निगरानी में होगी पूछताछ

बता दें कि ईडी ने कोर्ट से केजरीवाल से पूछताछ के लिए 10 दिन का रिमांड मांगा था मगर कोर्ट की ओर से 6 दिन की रिमांड दिया गया। आम आदमी पार्टी की ओर से साफ कर दिया कि इस दौरान केजरीवाल जेल से ही सरकार चलाएंगे। कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक, 28 मार्च दोपहर 2 बजे तक अरविंद केजरीवाल को ED कोर्ट में फिर से पेश करेगी। अरविंद केजरीवाल से जो पूछताछ की जाएगी वो भी CCTV के निगरानी में होगी। पूछताछ के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखा जाएगा। बता दें कि यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की आबकारी नीति को तैयार करने और उसे लागू करने में कथित भ्रष्टाचार और धन शोधन से संबंधित है। हालांकि, इस नीति को बाद में रद्द कर दिया गया था।

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'जेल से गैंग चला करते हैं, सरकारें नहीं', अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर BJP का तंज

Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड