अपडेटेड 9 March 2025 at 15:12 IST
दिल्ली की कोर्ट ने माना- शरजील इमाम जामिया नगर हिंसा का सरगना, 11 लोगों पर आरोप तय; शिफा उर रहमान समेत 15 बरी
Delhi Riots: 2019 के जामिया नगर हिंसा मामले में साकेत कोर्ट ने माना कि शरजील न सिर्फ भड़काने वाला था, बल्कि वो हिंसा भड़काने की बड़ी साजिश का सरगना भी था।
- भारत
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2019 Jamia Nagar Violence: दिल्ली के जामिया नगर इलाके में 2019 में भड़की हिंसा के मामले में शरजील इमाम को साकेत कोर्ट ने सरगना बताया है। जामिया नगर हिंसा में शरजील इमाम समेत 11 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। हालांकि इस मामले में शिफा उर रहमान और 14 अन्य लोगों को बरी भी कर दिया गया है। इसके अलावा हिंसा के केस में साकेत कोर्ट ने शस्त्र अधिनियम की धारा 25/27 के तहत दर्ज मामले में किसी के खिलाफ आरोप तय नहीं किए हैं।
साकेत कोर्ट ने जामिया नगर हिंसा में शरजील इमाम के खिलाफ आरोप तय करते हुए कहा कि चक्का जाम से सभी समुदाय के लोग पीड़ित थे। शरजील इमाम ने सिर्फ एक समुदाय के लोगों को ही चक्का जाम के लिए भड़काया। शरजील न सिर्फ भड़काने वाला था, बल्कि वो हिंसा भड़काने की बड़ी साजिश का सरगना भी था। कोर्ट ने माना कि शरजील ने खुलेतौर पर एक समुदाय के मन में क्रोध और घृणा की भावना पैदा की।
कोर्ट ने शरजील के वकील की दलीलों को नकारा
साकेत कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम ने उत्तर भारत के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा करने के लिए उकसाया। कोर्ट ने शरजील इमाम की अपने बचाव के पक्ष में दी गई दलील को नकारते हुए कहा कि ऐसे शख्स की ये दलील नहीं सुनी जा सकती कि सार्वजनिक सड़कों पर भीड़ की तरफ से दंगा उसके भाषण का परिणाम नहीं था और इसके लिए उसे आपराधिक दायित्व में नहीं डाला जा सकता।
कोर्ट ने माना कि शरजील इमाम का भाषण क्रोध और घृणा को भड़काने के लिए था, जिसका स्वाभाविक परिणाम सार्वजनिक सड़कों पर गैरकानूनी सभा के सदस्यों की व्यापक हिंसा से हुआ। कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम ने अपने सांप्रदायिक भाषण के माध्यम से हिंसक भीड़ गतिविधि को भड़काकर उकसाया, जिसके लिए उसके खिलाफ धारा 109 आईपीसी के साथ धारा 153 ए आईपीसी भी उचित रूप से लागू होते हैं। कोर्ट ने कहा कि चक्का जाम को कहीं से भी शांतिपूर्ण नहीं हो माना जा सकता है।
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शरजील इमाम के खिलाफ कई धाराओं के तहत आरोप तय
साकेत कोर्ट ने शरजील इमाम के खिलाफ कई धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इस मामले में आशु खान, चंदन कुमार और आसिफ इकबाल तन्हा के खिलाफ भी आरोप तय किए गए हैं। हालांकि शिफा उर रहमान, मोहम्मद आदिल, रूहुल अमीन, मोहम्मद जमाल, मोहम्मद उमर, मोहम्मद शाहिल, मुदस्सिर फहीम हासमी, मोहम्मद इमरान, साकिब खान, तंजील अहमद चौधरी, मो. इमरान , मुनीब मियां, सैफ सिद्दीकी, शाहनवाज और मो. यूसुफ को बरी किया गया है।
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Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 9 March 2025 at 15:12 IST