BREAKING: अभिजीत दिपके को बड़ी राहत, SEM कोर्ट ने दी सशर्त जमानत, कनाट प्लेस पर 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले हुए थे गिरफ्तार
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिल गई है। कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें पीस बॉन्ड यानी शांति बनाए रखने से जुड़ा बॉन्ड भरने का निर्देश दिया है।
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिल गई है। कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें पीस बॉन्ड यानी शांति बनाए रखने से जुड़ा बॉन्ड भरने का निर्देश दिया है। बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जल्द रिहा किया जाएगा। बता दें कि दिपके को दिल्ली के कनॉट प्लेस पर 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था।
इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आज दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में दिल्ली पुलिस का बयान भी सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है। एक 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने का मुचलका) पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।
किन धाराओं में गिरफ्तार किए गए थे अभिजीत?
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके और नेहा बोरा को प्रिवेंटिव सेक्शन्स के तहत हिरासत में लिया था। इसके बाद नेहा को 65 डीपी एक्ट में लीगल फॉर्मेलिटी के बाद छोड़ दिया गया लेकिन अभिजीत को शांति भंग के केस में BNSS की धारा 126/170 में गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आज अभिजीत को SEM कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें सशर्त जमानत मिल गई।
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दिपके की जिन धाराओं में गिरफ्तारी हुई, वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 थीं, जिसमें धारा 126 के तहत मजिस्ट्रेट द्वारा शांति बनाए रखने के लिए मुचलका या बॉन्ड भरवाया जाता है, वहीं धारा 170 के तहत पुलिस को ये अधिकार है कि वह शांति भंग या संभावित अपराध को रोकने के लिए एहतियातन गिरफ्तारी कर सकती है।