Delhi Blast: अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी के एक और फर्जीवाड़े का खुलासा, निकला विदेशी कनेक्शन; बेटे को दिलाया UK की नागरिकता

अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी पर अब विदेशी फंडिंग का आरोप लगा है। सिद्दीकी ने अपने बेटे को UK की नागरिकता दिलाई है और उसके नाम पर एक कंपनी भी खोल रखा है।

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 Delhi blast case
जवाद अहमद सिद्दीकी के एक और फर्जीवाड़े का खुलासा | Image: Social Media

दिल्ली के लाल किले के बाहर हुए ब्लास्ट केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है कई नए खुलासे हो रहे हैं। धमाके का तार फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी तक जुड़ने के बाद विश्वविद्यालय के फाउंडर को गिरफ्तार कर लिया गया। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बीते दिनों जांच एजेंसी ED ने इस विश्वविद्यालय के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। अब जांच में सिद्दीकी का विदेश से कनेक्शन निकला  है।

अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी पर अब विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को शक है कि सिद्दीकी ने यूनिवर्सिटी में छात्रों-अभिभावकों से ठगी कर जुटाए करोड़ों रुपये को अपने बेटे के नाम पर ब्रिटेन में खोली गई कंपनी में निवेश किया था। ED सिद्दीकी के बेटे की कंपनी में पैसों के इनवेस्टमेंट की जांच करेगी।

जवाद अहमद सिद्दीकी ने बेटे को दिलाया UK की नागरिकता

दरअसल, जांच में पता चला कि जवाद अहमद सिद्दीकी ने बेटे को ब्रिटिश नागरिकता दिलाई है और UK में उसके नाम पर एक कंपनी रजिस्टर्ड कराई। ईडी को अल फलाह यूनिवर्सिटी से धांधली का पैसा बेटे अफाम अहमद सिद्दिकी की कंपनी में रूट करने का शक है। जांच एजेंसी को यह भी शक है कि सिद्दीकी ने लोगों को गुमराह कर करोड़ों रूपये कमाये हैं। फर्जी NAAC मान्यता दिखाकर और UGC से मान्यता न होने के बावजूद यूनिवर्सिटी में दाखिले लेकर काले धन कमाए गए हैं। ED ने अब अफाम अहमद सिद्दीकी की कंपनी में भारतीय मूल के निवेश की गहन जांच शुरू करने का फैसला किया है।

अल-फलाह के ठिकाने पर ED का शिकंजा

गौरतलब है कि दिल्ली में ईडी ने 18 नवंबर 2025 को अल फलाह विश्वविद्यालय के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत हुई थी। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की FIR के आधार पर ED ने केस दर्ज किया था। यह कार्रवाई उन सर्च ऑपरेशन और सबूतों के आधार पर की गई है, जो अल-फलाह ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिले थे।

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सिद्दीकी पर काले धन छिपाने का आरोप

FIR मे यह भी खुलासा हुआ था कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने छात्रों और उनके परिजनों को धोखा देने के लिए फर्जी तरीके से NAAC ग्रेडिंग होने का दावा किया, जबकि विश्वविद्यालय को UGC से भी मान्यता प्राप्त नहीं थी। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने वर्षों तक मोटी फीस वसूलकर करोड़ों रुपये कमाए। UGC ने साफ किया है कि यूनिवर्सिटी सिर्फ धारा 2(f) के तहत लिस्टेड है और 12(B) के लिए कभी आवेदन भी नहीं किया। इसके बाद जांच नई दिशा में मुड़ गई। अब जवाद अहमद सिद्दीकी पर विदेश में काले धन छिपाने का भी आरोप है। 

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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