NEET Student Suicide: दिल्ली के आदर्श नगर में 21 साल की छात्रा ने की सुसाइड, NEET परीक्षा रद्द होने से थी परेशान

दिल्ली के आदर्श नगर में NEET परीक्षा रद्द होने के सदमे में 21 साल की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। जानकारी की मुताबिक परिवजनों का दावा है कि छात्रा कुछ दिनों से नीट पेपर को लेकर परेशान थी।

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NEET पेपर रद्द होने की वजह से 21 साल की छात्रा ने किया सुसाइड
NEET पेपर रद्द होने की वजह से 21 साल की छात्रा ने किया सुसाइड | Image: Representative Image

NEET student suicide: दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में NEET परीक्षा रद्द होने के बाद 21 साल की एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली। इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। वहीं इलाके में मातम पसर गया है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि छात्रा NEET की तैयारी कर रही थी और परीक्षा रद्द होने की खबर सुनकर बहुत परेशान हो गई थी।

घटना के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा और सौरभ भारद्वाज आदर्श नगर पहुंचे। दोनों नेताओं ने मृतका के परिवारवालों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। संजीव झा ने बताया कि पूरा परिवार गहरे सदमे में है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई है। संजीव झा ने भी शिक्षा मंत्री पर निशाना सादते हुए बयान दिया है। इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

'छात्रा कई सालों से कर रही थी NEET की तैयारी'- परिजन

परिजनों ने बताया कि अंशिका पिछले कई सालों से NEET की तैयारी कर रही थी। वह पढ़ाई में तेज थी और इस साल अच्छे रैंक की पूरी उम्मीद कर रही थी। अंशिका डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी और अक्सर घर में कहती थी कि इस बार उसके नंबर अच्छे आएंगे।

पेपर कैंसिल की खबर ने तोड़ी हिम्मत

जैसे ही पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबर आई, अंशिका गहरे तनाव में चली गई। उसके मामा मुनीश पांडेय ने बताया कि, 'पेपर अच्छा हुआ था, लेकिन कैंसिल होने की खबर ने उसे अंदर से झटका दे दिया। वह बहुत परेशान रहने लगी और उसी उलझन में यह कदम उठा लिया।'

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घटना के बाद परिजनों ने बिना पुलिस को सूचित किए शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाने की कोशिश की। वहां मौजूद पुजारी को शक हुआ, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। यह घटना NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं में छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को उजागर करती है।  

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड