' देर रात तक हमने पार्टी की फिर साथ सोए थे, शिवा मेरे सामने...', श्रद्धा दुबे ने खोला बड़ा राज, नेपाल से आने के बाद वो भाग जाती विदेश लेकिन...
पुलिस के मुताबिक श्रद्धा अधिकतर अपने ड्राइवर दानिश के फोन का प्रयोग वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए करती थी। वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए उसने नागपुर जाते समय कैब ड्राइवर से भी हॉटस्पॉट लिया था।
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राघवेंद्र पांडेय
लखनऊ के शिवा शर्मा मौत की गुत्थी अब तक अनसुलझी है। कड़ी मशक्कर के बाद पुलिस ने श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन कई राज सुलझने बाकी हैं। श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर इमरान उर्फ दानिश की भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में 10 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार श्रद्धा की मेड से कई घंटे तक अलग-अलग पुलिस टीमों ने पूछताछ की मेड ने अपने बयान में बताया कि 9 अक्टूबर को उसने श्रद्धां को शिवा से झगड़ा करते देखा था। दोनों में काफी देर तक विवाद हुआ था। श्रद्धा बार-बार अपने संपर्को का हवाला देकर शिवा को धमका रही थी हालांकि, मेड यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि शिवा किन परिस्थितियों में फ्लैट से गिरा। मेड के बयान के आधार पर पुलिस यही कयास लगा रही है कि दोनों के बीच ऐसा कुछ भयानक हुआ कि उसका अंत शिवा की मौत पर हुआ
7 लोगों से हुई है पूछताछ, दो बैंक खाते फ्रीज
पुलिस के सूत्रों के अनुसार अपार्टमेंट में रहने वाले एक व्यक्ति से भी पूछताछ की गई है। वह शिवा के गिरने पर मदद के लिए पहुंचा था और उसे अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस ने अभी तक इस मामले में 7 लोगों के बयान दर्ज किए है। पुलिस ने श्रद्धा के दो बैंक खाते फ्रीज़ किए है। एक अकाउंट तो पुलिस ने घटना के पहले साइबर फ्रॉड के मामले में फ्रीज़ किया था। उस खाते में ढाई लाख रुपये थे। दूसरा खाता शिवा की मौत के बाद फ्रीज़ किया गया। उसमें करीब साढ़े छह लाख रुपये थे।
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पुलिस ने मददगारों के बारे में सवाल किया?
आरोपितों ने किसी भी हाईप्रोफइल व्यक्ति का नाम नहीं लिया। आरोपितों ने मदद करने वाले 5-6 लोगों के नाम लिए हैं। पुलिस ने सवाल किया कि पकड़े जाने समय किससे बात कर रही थी? श्रद्धा ने जवाब दिया कि वह केस के अपडेट के लिए अपने वकील से अपार्टमेंट के वाई-फाई के जरिए बात कर रही थी।
दो मोबाइल फोन गायब
पुलिस को आरोपितों के पास से दो मोबाइल मिले है। पुलिस ने पूछा कि बाकी दो मोबाइल कहां है? जवाब में श्रद्धा ने कहा कि एक आई फोन नेपाल में गुम हो गया। चौथा मोबाइल उसके पास न होने की बात उसने कही। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल की फरेसिक जांच करवाई जाएगी।
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पुलिस ने आरोपियों से सवाल पूछा कि किसने नेपाल तक पहुंचाया? इसके जवाब में आरोपितों ने बताया कि दुबग्गा निवासी आमिर उन लोगो को लखनऊ से लेकर भागा था। वे पहले सीतापुर गए। वहां से बहराइच के रुपईडीहा से नेपाल पहुंचे। पुलिस ने श्रद्धा से पूछा कि ट्रॉली बैग साथ क्यों नहीं रखा और बुर्का क्यों पहना? श्रद्धा ने कहा कि लो प्रोफाइल दिखने के लिए ट्रॉली बैग छोड़ दिया था। नेपाल से महराजगंज में जिस रास्ते से वे दाखिल हुए, वह मुस्लिम इलाका था। इसलिए बुर्का पहन लिया था।
पुलिस ने पूछा कि 8/9 अक्टूबर की रात कहां घूमने गए थे?
जब आरोपी से पूछा गया कि 8/9 अक्टूबर की रात कहां घूमने गए थेय़ श्रद्धा ने जवाब दिया कि हम लोग पार्टी करने गए थे। रात भर पार्टी की और 9 अक्टूबर की सुबह 7 बजे फ्लैट में पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस तरह कई सवाल पूछे थे।
सवाल--शिवा के शरीर पर मेकअप क्यों था?
श्रद्धा ने कहा कि शिवा मेरा बॉयफ्रेंड था। उसके शरीर पर मेरी लिपिस्टिक के निशान थे। श्रद्धा ने कहा कि हम लोग साथ में सो रहे थे। इसी बीच मेरी नीद खुली और शिवा मेरे सामने फ्लैट से कूद गया। श्रद्धा ने कहा कि मेरा वही पूरा बयान है, जो मैंने इंटरव्यू में दिया है।
सवाल--सरेंडर करने आई थी तो भागी क्यों?
इल सवाल के जवाब में श्रद्धा ने कहा कि अग्रिम जमानत, सरेंडर की प्रक्रिया और FIR क्वैश होने की प्रक्रिया में काफी समय लगना था। इसलिए उसने मन बना लिया था कि पुलिस के सामने सरेंडर कर देगी, लेकिन ड्राइवर दानिश ने कहा. कि पुलिस के सामने सरेंडर किया तो बहुत पीटेगी। इसलिए हम लखनऊ में हाई कोर्ट के वकील से मिलने के बाद भाग गए।
सवाल - क्या विदेश भागने की तैयारी थी?
श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपितों ने बताया कि वे नेपाल से लौटने के बाद देश छोड़ने की फिराक में भी थे, लेकिन पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया। ऐसे में वे हवाई यात्रा नहीं कर सकते थे
सवाल-रुपये की मदद कौन कर रहा था?
इस सवाल पर आरोपित बोले कि जो कैश फ्लैट में था, वही लेकर भागे थे और सिर्फ 25 हजार रुपये ही उनके पास बचे थे। फरारी के दौरान वे कैब चालको को उनकी डिमांड से अधिक रुपये दे रहे थे।
पुलिस ने पूछा कि नागपुर में फ्लैट किसने दिलाया था?
आरोपितों ने पहले तो गोलमोल जवाब दिया। फिर बताया कि फ्लैट अनलाइन बुक किया था। यह भी बताया कि 18/19 की रात कुछ देर के लिए गोविंदनगर इलाके में एक होटल में रुके थे। रात करीब डेढ़ बजे वहां से निकल कर फतेहपुर, सतना होते हुए नागपुर पहुंचे।
गलत IP एड्रेस ने भी भटकाया
सूत्रों के मुताबिक एक बार टीम को कॉलिंग का गलत IP एड्रेस कंपनी की ओर से मिल गया और पुलिस उसे ट्रैक करते हुए प्रयागराज पहुंच गई। वहां पहुंचने पर पता चला कि IP एड्रेस गलत है।
कैब ड्राइवर के फोन का प्रयोग
पुलिस के मुताबिक श्रद्धा अधिकतर अपने ड्राइवर दानिश के फोन का प्रयोग वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए करती थी। वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए उसने नागपुर जाते समय कैब ड्राइवर से भी हॉटस्पॉट लिया था। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर ने 19 अक्टूबर की देर शाम आरोपितों को नागपुर छोड़ दिया था।