'मुझे जमीन पर पटका, मेरी चूड़ियां तोड़ी...', CM ममता की पुलिस पर आरजी कर मामले की पीड़िता की मां ने लगाए गंभीर आरोप
आरजी कर रेप एंड मर्डर मामले की पीड़िता की मां ने सीएम ममता बनर्जी की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कोलकाता पुलिस पर उनके साथ मारपीट, चूड़ियां तोड़ने और उन्हें जमीन पर पटकने का आरोप लगाया।
- भारत
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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक ऑन ड्यूटी फीमेल ट्रेनी डॉक्टर के साथ 9 अगस्त 2024 की रात को जो हुआ, वह इस देशी की गरिमा पर कभी ना मिटने वाले काले दाग लगा गया। आरजी कर पीड़िता अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन आज भी उनका परिवार इंसाफ की जंग लड़ रहा है। पीड़ित परिवार ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सचिवालय (नबान्न) तक न्याय के लिए प्रदर्शन किया। इस दौरान कोलकाता पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पीड़िता की मां ने कोलकाता पुलिस पर इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरजीकर मामले की पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री ममता सरकार की पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनके ऊपर बिना किसी उकसावे के हमला किया। बता यहीं खत्म नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि कोलकाता पुलिस ने उनको जमीन पर पटक दिया और उनकी चूड़ियां तोड़ी और मारपीट भी किया। यही नहीं, उन्होंने मारपीट का भी आरोप लगाया है।
जब कोलकाता पुलिस ने मामले को बताया था आत्महत्या…
बता दें, यह वही कोलकाता पुलिस है, जिसने इस संवेदनशील मामले पर घटिया कार्रवाई कर अपनी वर्दी को दागदार कर दिया। यह वही कोलकाता पुलिस है, जिसने एक फीमेल ट्रेनी डॉक्टर की रेप और नृशंस हत्या को आत्महत्या बताया था। यह वही कोलकाता पुलिस है, जिसकी मौजूदगी में भारी संख्या में लोग आए और सबूत मिटाकर चले गए।
आज भी इंसाफ की राह देखकर रहा पीड़ित परिवार
जिस डॉक्टर को धरती का भगवान और जीवन देने वाला वरदान कहा जाता है, उसी के साथ दरिंदगी के बाद दर्दनाक तरीके से हत्या की गई। वहीं इंसाफ के नाम पर गिरफ्तार किए गए एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा ना देकर उम्र कैद की सजा यह कहकर सुनाई कि सबूतों का अभाव है। पीड़िता का परिवार कोर्ट के इस इंसाफ को नकार रहा है और आज भी न्याय की मांग कर रहा है।
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कोलकाता पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया लाठीचार्ज
कोलकाता पुलिस ने रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। यह रैली आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए बलात्कार और हत्याकांड की एक साल की सालगिरह के लिए की जा रही थी। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "ममता बनर्जी की पुलिस राष्ट्र-विरोधी है। यह लड़ाई बांग्ला बनाम ममता बनर्जी, नारी शक्ति बनाम ममता बनर्जी, आम जनता बनाम ममता है। हम इसे छोड़ने वाले नहीं हैं, हम इस लड़ाई को और तेज करेंगे।"
पीड़िता के पिता ने क्या कहा?
आरजी कर बलात्कार और हत्या पीड़िता के पिता ने कहा, "हाईकोर्ट ने हमें शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। पुलिस ने हम पर लाठीचार्ज किया, इसलिए हम घायल हो गए। 9 अगस्त 2024 को पुलिस ने हमारे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। ममता बनर्जी से टेलीफोन पर बात करने के बाद ही हमें शव देखने की अनुमति दी गई। हमें तीन घंटे 30 मिनट तक बाहर खड़ा रहना पड़ा।"