750 करोड़ के लिए विनय त्यागी बना टारगेट? गैंगस्टर की मर्डर मिस्ट्री!
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल गैंगस्टर विनय त्यागी की शनिवार को अस्पताल में मौत हो गई। त्यागी के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से उसकी हत्या की साजिश रची गई।
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Vinay Tyagi Death: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर में कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी की मौत के बाद 750 करोड़ रुपये की चोरी की गुत्थी और उलझ गई। पहले इस चोरी का आरोप गैंगस्टर विनय त्यागी पर लगा था, लेकिन उसकी मौत के बाद बहन ने दावा किया कि विनय त्यागी ने वो पैसे चुराने नहीं, बल्कि ED को सौंपने निकला था। विनय त्यागी की बहन ने दावा किया कि उसके भाई को सोची समझी साजिश के तहत मारा गया, ताकि 750 करोड़ की काली कमाई के किंगपिन को बचाया जा सके।
हरिद्वार में गैंगस्टर विनय त्यागी की तूती बोलती थी। मौत से 3 दिन पहले 24 दिसंबर, 2025 को लक्सर क्षेत्र में फ्लाईओवर पर पुलिस सुरक्षा के बावजूद विनय त्यागी पर बाइक सवार दो बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में उसके सीने, गले और हाथ में गोलियां लगीं थी। हमला उस वक्त हुआ जब विनय त्यागी को रुड़की जेल से लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाए जा रहा था। इलाज के दौरान उसने ऋषिकेश AIIMS में दम तोड़ दिया। त्यागी की मौत के बाद 750 करोड़ रुपये की ऐसी गुत्थी रह गई, जो सुलझाए नहीं सुलझ रही।
'ED को देने जा रहा था पैसे'
पुलिस के सामने ही उसे छलनी कर दिया गया और 3 दिन तक मौत से जूझने के बाद जब विनय त्यागी ने दम तोड़ा, तो उसकी बहन ने एक ऐसा दावा किया जिससे सारी कहानी ही पलट गई। गैंगस्टर की बहन सीमा त्यागी ने दावा किया कि जिस 750 करोड़ की चोरी के आरोप में विनय त्यागी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया था, वो चोरी उसने की ही नहीं थी, बल्कि वो तो उन पैसों को ED को सौंपने जा रहा था।
किसके थे 750 करोड़ रुपये?
विनय त्यागी की बहन के इस दावे के बाद इस कहानी में एक और किरदार ठेकेदार की एंट्री हुई। एक ठेकेदार, जो मेरठ-गाजियाबाद NHAI का काम देखता है। विनय की बहन के मुताबिक, "750 करोड़ रुपये की कीमत का सोना और कैश मेरठ-गाजियाबाद NHAI के एक ठेकेदार का था। उसके साथ विनय की पुरानी दुश्मनी थी इसलिए विनय ने वो कार चुरा ली थी जिसमें उस ठेकेदार का कैश और सोना था। विनय त्यागी की बहन के मुताबिक विनय उस कार को ED को सौंपना चाहता था, लेकिन पहले तो पुलिस ने चोरी के आरोप में गैंगस्टर विनय त्यागी को पकड़ लिया और फिर कोर्ट ले जाते वक्त उसे गोलियों से छलनी करवा दिया।"
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3 दिन तक चला इलाज
गैंगस्टर विनय त्यागी को जब हरिद्वार पुलिस कोर्ट लेकर जा रही थी, तब लक्सर के पास उस पर गोलीबारी हुई थी। कुछ बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। इसी गोलीबारी में विनय त्यागी बुरी तरह जख्मी हो गया था। उसे आनन-फानन में पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया था और फिर हालत बिगड़ने पर ऋषिकेश AIIMS रेफर कर दिया गया था। वहां 3 दिन तक चले इलाज के बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
हालांकि, पुलिस ने फायरिंग करने वाले आरोपियों को पकड़ लिया था। लेकिन विनय त्यागी की मौत के बाद इस पर सियासी खींचतान भी तेज हो गई। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर इस घटना पर निशाना साधा। दूसरी तरफ उसकी मौत के बाद उसकी बहन ने ये आरोप लगाया कि विनय करोड़ों के इस काले कारोबार की परतें खोलने वाला था। इसी वजह से उसे बड़ी सफाई से रास्ते से हटा दिया गया।