ISI के टारगेट पर लॉरेंस का भाई अनमोल बिश्नोई, पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी रच रहा साजिश, 3 आतंकी अरेस्ट
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े तीन युवा हरगुनप्रीत सिंह, विकास प्रजापति और आसिफ को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल था।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस मॉड्यूल का सरगना पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी है, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भर्ती कर भारत में आतंकी गतिविधियां चला रहा था। पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जो उत्तर भारत के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब के रहने वाले हैं।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इस कार्रवाई ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा किया है। एडिशनल CP प्रमोद कुमार कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकी हरगुनप्रीत सिंह (पंजाब), विकास प्रजापति (दतिया, मध्य प्रदेश) और आरिफ (बिजनौर, उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं और पाकिस्तान में सीधे शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। पुलिस ने हरगुनप्रीत सिंह और विकास प्रजापति को सबसे पहले पकड़ा गया। हरगुनप्रीत को पंजाब से 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया, विकास प्रजापति को मध्य प्रदेश के दतिया से और आसिफ को बिजनौर से 30 नवंबर को दबोचा गया।
संवेदनशील इलाकों में रेकी
पुलिस जांच के अनुसार इन आतंकियों ने अमृतसर, गुरदासपुर और अन्य संवेदनशील इलाकों में रेकी की थी। खासतौर पर गुरदासपुर के एक थाने के बाहर इन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंकने की घटना को अंजाम दिया था, जो हाल ही की सबसे चर्चित आतंकी घटनाओं में से एक है। विकास प्रजापति के पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई। गिरफ्तारियों के दौरान इनके फोन से रेकी के वीडियो, एन्क्रिप्टेड चैट्स और वॉइस नोट्स जब्त किए गए।
शहजाद भट्टी का नेटवर्क
शहजाद भट्टी पाकिस्तानी गैंगस्टर है, उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेकर भारतीय युवाओं को लुभाया। वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए निर्देश देता था, जिसमें ग्रेनेड हमले, जासूसी और तोड़फोड़ शामिल थी। पंजाब में पहले से सक्रिय कई गैंगस्टर भी इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं, जो ISI के इशारे पर काम कर रहे थे। यह मॉड्यूल अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर भारत में अशांति फैलाना था। दिल्ली पुलिस को 26 नवंबर को पहली गिरफ्तारी के बाद इनपुट मिला, जिसके आधार पर बाकी कार्रवाई तेज हुई।
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ISI के निशाने पर अनमोल बिश्नोई
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि इस मॉड्यूल का निशाना लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल बिश्नोई हो सकता है। अनमोल को हाल ही में अमेरिका से प्रत्यर्पण कर लाया गया है और वो NIA की हिरासत में है। अनमोल बिश्नोई ने 27 अक्टूबर को अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था। इसमें उसने दावा किया कि शहजाद भट्टी और उसके गुर्गे उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस खुलासे के बाद अनमोल बिश्नोई की सुरक्षा बड़ा सवाल बन गई है।
28 नवंबर को NIA ने कोर्ट में इस खतरे की पुष्टि की और कहा कि ठोस खुफिया इनपुट्स उपलब्ध हैं। अनमोल ने बुलेटप्रूफ जैकेट और वाहन की मांग की, जबकि कोर्ट ने सुनवाई NIA मुख्यालय में ही आयोजित की। दिल्ली पुलिस अब इस इनपुट पर जांच कर रही है, ताकि साजिश को पूरी तरह विफल किया जा सके।