पूर्व BJP विधायक के बेटे ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश, सुसाइड नोट में पत्नी पर प्रताड़ना का लगाया आरोप

पूर्व भाजपा विधायक के बेटे ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। शख्स ने सुसाइड नोट लिखकर पत्नी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया।

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पूर्व बीजेपी विधायक के बेटे ने की आत्महत्या की कोशिश।
पूर्व बीजेपी विधायक के बेटे ने की आत्महत्या की कोशिश। | Image: Republic

उत्तर प्रदेश देवास में सोनकच्छ के पूर्व भाजपा विधायक के बेटे ने जहर खाकर सुसाइड की कोशिश की। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर कर दिया गया। उसके पास से चार पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें पत्नी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। लिखा-कभी शादी मत करना

पूर्व विधायक सुरेंद्र वर्मा के मुताबिक, बेटे प्रमोद की शादी को 15 साल हो चुके हैं। शादी के एक साल बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था। पत्नी ने दो बार महिला थाने में परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामला कोर्ट में भी पहुंचा, लेकिन समाज के लोगों की मध्यस्थता से दोनों में समझौता हो गया था। इसके बाद पत्नी प्रमोद पर इंदौर में रहने का दबाव बना रही थी, जिसके लिए वह तैयार नहीं थे।

झगड़े के बाद बेटे न उठाया ऐसा कदम

विवाद को देखते हुए पूर्व विधायक ने मृदुल विहार में एक मकान खरीदकर दोनों को रहने के लिए दिया , लेकिन वहां भी विवाद जारी रहा। शुक्रवार रात को भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद प्रमोद ने कीटनाशक खा लिया।

पत्नी और ससुरालवालों पर लगाया आरोप

चार पेज के सुसाइड नोट में प्रमोद ने उसकी पत्नी, सास, व दो सालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पत्नी के महिला थाने में पूर्व में की गई शिकायत का भी जिक्र है। नोट के अंतिम पेज पर उसने पिता और मां से माफी मांगते हुए लिखा है कि मुझे माफ कर देना। मैं एक अच्छा बेटा, भाई व अच्छा पिता नहीं बन पाया,कभी शादी मत करना, यह जरूरी नहीं है।

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मैं अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं। मेरी मौत की जिम्मेदार मेरी पत्नी, सास, साला है। जिन्होंने मुझे मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित कर दिया है। मेरा विवाह 2009 में हुआ था। अपना आत्मसम्मान और स्वाभिमान बचाने के लिए लड़ना पड़ेगा। मैं एक अच्छे परिवार से हूं मेरे पिताजी विधायक रह चुके हैं। परंतु उन्होंने अपना जीवन सादगी और ईमानदारी से जीया। कभी भी अपने पद का दुरुपयोग नहीं किया। हमारा परिवार संयुक्त परिवार है। हम पूरे परिवार ने कभी जाने अंजाने में कभी किसी से दुश्मनी नहीं रखी। मेरा सरकार से कहना है कि बेटी बचाना-बेटी पढ़ाना बंद करो। यही कारण है इन्होंने कई घरों के चिराग बुझा दिए।

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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