घुमाने के बहाने डेढ़ साल की बेटी को लेकर निकला पिता, फिर नदी में दिया धक्का, 5 दिन बाद मिला शव; बेटे की थी चाहत

Jaunpur Crime : मृतक बच्ची की मां संजू ने पुलिस को बताया कि बेटी के जन्म के बाद से आरोपी पिता अक्सर झगड़ा करता था। वह बार-बार बेटे की मांग करता और बेटी को "बोझ" मानता था।

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Desiring a son father threw his one-and-a-half-year-old daughter into River body recovered
बेटे की चाहत में पिता बना हत्यारा | Image: Video Grab

UP Crime : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जो मानवता पर सवाल उठाती है। आरोप है कि बेटे की लालसा में अंधा हो चुके पिता ने अपनी डेढ़ साल की मासूम बेटी को गोमती नदी में फेंक दिया है। घटना के पांच दिन बाद सोमवार (24 नवंबर) को सैदखानपुर बेलवरिया के पास नदी किनारे बच्ची का शव सड़ी-गली हालत में बरामद हुआ है।

मृतक बच्ची की पहचान रुतबी विश्वकर्मा के रूप में हुई है। इस क्रूर हत्याकांड ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और समाज में व्याप्त लिंग भेदभाव की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है। ये पूरा मामला केराकत तहसील के टड़वा गांव का है। आरोपी पिता अशोक विश्वकर्मा, जो मुंबई में मजदूरी करता है, 19 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे अपनी सबसे छोटी बेटी रुतबी को गोद में लेकर घर से निकला। पत्नी संजू को उसने कहा, "इसे घुमा लाता हूं।"

तेज बहाव में दिया धक्का

आरोपी पिता डेढ़ साल की मासूम बच्ची को साइकिल पर लेकर घर से मात्र दो किलोमीटर दूर पंप कैनाल के पास गोमती नदी पहुंचा। आरोप है कि वहां तेज बहाव वाली नदी में उसने बच्ची को धक्का दे दिया। नदी के उस पार कुछ मल्लाहों ने यह दिल दहला देने वाली घटना अपनी आंखों से देखी। उन्होंने शोर मचाया और बच्ची को बचाने के लिए नदी में कूद पड़े, लेकिन तेज धारा के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। थोड़ी ही देर में यह खबर पूरे गांव में फैल गई।

बच्ची की मां संजू विश्वकर्मा शाम तक अपने पति और बेटी के आने का इंतजार करती रहीं और फोन बंद आने पर घबरा गईं, तो उन्होंने तुरंत तलाश शुरू की। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस को सूचना मिलते ही केराकत कोतवाली की टीम मौके पर पहुंची। सीओ अजीत रजक और कोतवाल ने घटनास्थल का मुआयना किया और गोताखोरों की मदद से बच्ची की तलाश शुरू कर दी। शुरुआती पूछताछ में अशोक ने अपना अपराध कबूल कर लिया।

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बेटे की चाहत ने बनाया हत्यारा

मृतक रुतबी विश्वकर्मा अशोक और संजू की तीसरी बेटी थी। उनकी दो अन्य भी बेटियां ही हैं। संजू ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रुतबी के जन्म के बाद से अशोक घर में अक्सर झगड़ा करता था। वह बार-बार बेटे की मांग करता और बेटी को "बोझ" मानता। पत्नी ने आरोप लगाया कि लगभग 10 महीने पहले भी मुंबई में रहते हुए अशोक ने रुतबी का मुंह रजाई से दबाकर मारने की कोशिश की थी।

आरोपी गिरफ्तार

संजू की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी अशोक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पिछले पांच दिनों से गोताखोरों और मल्लाहों की टीमें नदी में तलाशी अभियान चला रही थीं। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे सैदखानपुर बेलवरिया के पास नदी किनारे उतराई में रुतबी का शव मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

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भेदभाव को अब रोकें

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आईना है। भारत में बेटे की चाहत में बेटियों के साथ होने वाली हिंसा की यह कोई पहली घटना नहीं है। भारत के कई इलाकों में लिंगानुपात का असंतुलन अभी भी चिंताजनक है। जागरूकता अभियान, काउंसलिंग और सख्त कानूनी कार्रवाई ही इस कुरीति को जड़ से उखाड़ सकती है। रुतबी जैसी मासूमों की जान बचाने के लिए अब समय आ गया है कि हम बेटियों को बोझ न मानें, बल्कि परिवार की धुरी समझें।

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड