सिख विरोधी दंगों पर जगदीश टाइटलर के खिलाफ सुनवाई पूरी, चार्जशीट पर 2 अगस्त को फैसला

एक नवंबर 1984 को पुल बंगश इलाके में हिंसा के दौरान 3 लोगों की हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने इस मामले चार्जशीट दाखिल कर जगदीश टाइटलर को आरोपी बनाया था।

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जगदीश टाइटलर पर आरोप तय | Image: PTI - File Photo

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या (Former PM Indira Gandhi Murder) के बाद 1984 में भड़के सिख विरोधी दंगों (Anti Sikh Riots) को लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर (Congress Leader Jagdish Titler) के खिलाफ सुनवाई पूरी कर ली है। कोर्ट ने इस मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोप तय कर लिए हैं। अब इस मामले में कोर्ट 2 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी। एक नवंबर 1984 को पुल बंगश (Pul Bangash) इलाके में हिंसा के दौरान 3 लोगों की हत्या कर दी गई थी। सीबीआई (CBI) ने इस मामले चार्जशीट दाखिल कर तत्कालीन सांसद और कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को आरोपी बनाया था।  


इस मामले में सीबीआई (CBI) ने जगदीश टाइटलर (Jagdish Titler) के खिलाफ आईपीसी की धारा 147,148,149, 153A, 188, 109, 302 के तहत चार्जशीट दाखिल की है। हालांकि पुल बंगश गुरुद्वारा हिंसा (Pul Bangash Gurudwara Violence ) मामले इससे पहले 3 बार जगदीश टाइटलर को क्लीनचिट मिल गई थी, लेकिन इस बार कोर्ट ने सिख दंगा मामले में पूर्व सांसद के खिलाफ आरोप तय कर लिए हैं। इसके पहले सीबीआई ने कोर्ट में दावा किया था कि 1984 सिख विरोधी दंगों के चश्मदीदों ने दंगों के दौरान कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को भीड़ को उकसाते हुए देखा था। 

बचाव पक्ष के  वकील ने दी ये दलील

कोर्ट में बहस के दौरान बचाव पक्ष के वकील मनु शर्मा ने तीन मूर्ति हाउस में दूरदर्शन की शूटिंग का एक वीडियो रिकॉर्ड पर रखा, जहां इंदिरा गांधी का शव रखा गया था सीबीआई ने अमिताभ बच्चन के बयान का भी हवाला दिया। मनु शर्मा ने दलील दी कि सीबीआई ने तीन क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की हैं। सीबीआई ने सह-आरोपी सुरेश कुमार पनेवाला के खिलाफ 2009 में चार्जशीट दाखिल की थी। उसे ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था। यह भी दलील दी गई कि 1984 से लेकर 2022-23 तक कोई गवाह नहीं आया। 40 साल के लंबे अंतराल के बाद गवाह सामने आ रहे हैं। उन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?

सिख विरोधी दंगों के दौरान टाइटलर ने दंगाइयों को उकसाया था

CBI ने 16 अप्रैल को आरोप तय करने पर अपनी बहस पूरी कर ली थी। सीबीआई ने कहा था कि ये ऐसे चश्मदीद गवाह थे जिन्होंने 1984 के दंगों के दौरान जगदीश टाइटलर को भीड़ को उकसाते देखा था। आरोपी जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री है। अपनी दलीलों के दौरान, सीबीआई के वकील ने सुरेंद्र सिंह सहित चार चश्मदीदों के बयान पढ़े, जिन्होंने आरोपी को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भीड़ को उकसाते देखा था। यह मामला 1 नवंबर, 1984 को पुल बंगश गुरुद्वारा के सामने तीन सिखों, ठाकुर सिंह, बादल सिंह और गुरचरण सिंह की कथित हत्या से जुड़ा है और इसमें कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर आरोपी हैं।

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इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के थे सिख दंगे

1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद पूरे देश में सिख विरोधी दंगे शुरू हो गए थे। कोर्ट में सिख दंगों के चश्मदीदों ने बताया कि कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के उकसावे की वजह से दंगाइयों ने राष्ट्रीय राजधानी के पुल बंगश इलाके में 3 लोगों की हत्या कर दी थी। वहीं न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। ऐसे चश्मदीद गवाह हैं जिन्होंने उसे 1984 के दंगों के दौरान भीड़ को उकसाते हुए देखा था।

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड