सबसे बड़ा आर्म्स स्मगलर सलीम UAPA में गिरफ्तार, दाऊद और ISI से जुड़े तार; पूछताछ में उगल रहा 'खुफिया' राज! अब तक ये खुलासे
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कुख्यात आर्म्स स्मगलर सलीम पिस्टल को UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया है, फिलहाल पूछताछ में ISI और दाऊद से जुड़े हथियार तस्करी के खुलासे हो रहे हैं। जानें क्या है पूरा मामला
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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कुख्यात अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर सलीम अहमद उर्फ सलीम पिस्टल को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम एक्ट (UAPA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। ये कार्रवाई संगठित अपराध और विदेशी हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सलीम को तिहाड़ जेल से पेश कर प्रोडक्शन रिमांड पर लिया गया है, तो आगे की पूछताछ भी जारी है।
पूछताछ में कई बड़े खुलासे
पुलिस सलीम को अब 6 जुलाई को कोर्ट में पेश करेगी, सूत्रों के मुताबिक सलीम पूछताछ के दौरान कई बड़े राज बता रहा है। खासकर पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के बारे में, भट्टी को आईएसआई से जुड़ा आतंकी माना जाता है। सलीम ने बताया कि भट्टी आर्म्स स्मगलिंग में क्या भूमिका निभाता था। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद इलाके का रहने वाला सलीम MCOCA के दो मामलों में आरोपी है। स्पेशल सेल ने अगस्त 2025 में भारत-नेपाल बॉर्डर से उसे गिरफ्तार किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सलीम पिस्टल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी, लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा जैसे गैंगस्टर्स के लिए हथियारों की सप्लाई करता था। उसने देशभर के गैंगस्टर्स तक विदेशी पिस्टल जैसे जिगाना पिस्टल पहुंचाए। डेढ़ दशक से वह विदेशी हथियार सप्लाई कर रहा था। बुलंदशहर के खुर्जा के कुर्बान अंसारी के जरिए वह बड़े सिंडिकेट से जुड़ा और बाद में अपना अलग नेटवर्क खड़ा कर लिया।
भारत में हथियारों को कैसे लाता था सलीम?
इस पूरे खेल के पीछे पाकिस्तानी आईएसआई का हाथ बताया जा रहा है। हथियार पाकिस्तान से कुवैत भेजे जाते। वहां उन्हें तोड़कर स्क्रैप बताकर नेपाल भेजा जाता। नेपाल में फिर असेंबल कर सोनौली बॉर्डर से भारत लाया जाता था। क्राइम ब्रांच का ये ऑपरेशन 13 मार्च से चल रहा है। सलीम की गिरफ्तारी इसमें 16वीं है। इससे पहले रोहित चौधरी, सट्टेबाज निशांत अरोड़ा उर्फ नोनी और हर्षपाल सिंह उर्फ रूबल समेत कई कुख्यात अपराधी पकड़े जा चुके हैं। अब तक 25 विदेशी हथियार और 221 कारतूस जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि चेन अभी लंबी है और आगे और गिरफ्तारियां होंगी।
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भागने की फिराक में था सलीम
सलीम को कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2019 के केस में 25 मई को और पटियाला हाउस कोर्ट ने 2024 के मामले में 6 जून को 21 दिनों की अंतरिम बेल दी थी। वह 10 जून से 1 जुलाई तक जेल से बाहर रहने वाला था। पुलिस का दावा है कि UAPA के तहत संभावित गिरफ्तारी को देखते हुए सलीम बेल लेकर विदेश भागने की योजना बना रहा था। इस गिरफ्तारी से साफ है कि सीमा पार से आने वाले अपराध कितने ज्यारा गहरे हैं। क्राइम ब्रांच की लगातार कार्रवाई से इस नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश की जा रही है, फिलहाल रिमांड पर सलीम आगे की पूछताछ जारी रहेगी।