COVID-19: दिल्ली-NCR में कोरोना ने दी दस्तक, फरीदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड संक्रमित, राजधानी से सटे UP में प्रशासन ने क्या दिए निर्देश?

COVID-19: दिल्ली एनसीआर में भी कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी है। फरीदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड कोविड संक्रमित पाया गया है। UP सरकार ने कोविड-19 को लेकर निर्देश दिया।

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Covid-19
दिल्ली-NCR में कोरोना ने दी दस्तक। | Image: META AI

COVID-19: कोरोना महामारी एक बार फिर से अपने पांव पसारता नजर आ रहा है। दिल्ली एनसीआर में कोविड-19 ने दस्तक दे दी है। ताजा अपडेट में फरीदाबाद के एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे एक 28 साल का युवक कोरोना की चपेट में आ गया। बीते कुछ दिनों से युवक बुखार, खांसी और जुकाम महसूस कर रहा था। ऐसे में इलाज कराने के लिए वह सफदरजंग अस्पताल पहुंचा।

अस्पताल में जब युवक का कोविड-19 का टेस्ट कराया गया, तो वह कोरोना से संक्रमित निकला। इसके बाद इस मामले की जानकारी मलेरिया अधिकारी डा. रामभगत को दी गई। संबंधित विभाग की टीम फिर युवक के घर जाकर पूरे परिवार का कोविड टेस्ट कराया। परिवार को कोरोना के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। वहीं अब संक्रमित युवक का जिनोम सिक्वेंसिंग भी कराया जाएगा ताकि वैरिएंट का पता लगाया जा सके।

कोविड के मामलों को देखते हुए सीएम योगी ने की बैठक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 वेरिएंट JN.1 के मामलों को देखते हुए प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि फिलहाल में उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण को लेकर चिंता जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी और सतर्कता बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की ओर से कोविड-19 को लेकर कोई नई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है। फिर भी थाईलैंड, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में JN.1 उपवेरिएंट के चलते संक्रमितों की संख्या में हुई वृद्धि को देखते हुए प्रदेश में भी निगरानी जरूरत है।

सीएम योगी ने क्या-क्या निर्देश दिए?

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और स्वास्थ्य इकाइयां अलर्ट मोड में रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 की पिछली लहरों के दौरान जिला अस्पतालों में बनाए गए 10-10 बेड के आईसीयू, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधाओं को एक्टिव रखा जाए। इन सुविधाओं की नियमित टेस्टिंग और जरूरत के हिसाब से रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ये भी निर्देश दिया कि हेल्थ वर्कर्स को हेल्थ सर्विस सिस्टम से जुड़े अन्य कामों में भी ट्रेनिंग देकर प्रभावी रूप से उपयोग में लाया जाए, क्योंकि कोविड-19 के दौरान इनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है।

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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