अपडेटेड 28 March 2025 at 22:29 IST
न्यायालय ने चुनाव में दिव्यांगों को आरक्षण देने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज की
याचिका में शीर्ष अदालत से अनुरोध किया गया था कि वह केंद्र और अन्य को निर्देश कि चुनावों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अधिकतम दो प्रतिशत आरक्षण प्रदान करे।
- भारत
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उच्चतम न्यायालय ने संसद, विधानसभा और ग्राम पंचायत चुनावों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए दो प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा, ‘‘हम ऐसा निर्देश कैसे जारी कर सकते हैं? यह नीतिगत का मामला है।’’
पीठ ने व्यक्तिगत रूप से अदालत में मौजूद रहे याचिकाकर्ता से पूछा, ‘‘यदि यह रोजगार या किसी अन्य विषय से संबंधित होता, तो हम इस पर विचार कर सकते थे। लेकिन हम यह निर्देश कैसे दे सकते हैं?’’
याचिकाकर्ता ने उच्चतम न्यायालय द्वारा आठ नवंबर 2024 को दिये गए आदेश का हवाला दिया, जिसमें केंद्र को तीन महीने के भीतर अनिवार्य सुगम पहुंच मानकों को लागू करने का निर्देश दिया गया था।
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पीठ ने कहा कि यदि दिव्यांगों को किसी सार्वजनिक कार्यालय तक पहुंच सुलभ नहीं हो पा रही है, तो शीर्ष अदालत यह सुनिश्चित कर रही है कि ऐसा संभव हो।
पीठ ने कहा कि न्यायालय ने कहा है कि सार्वजनिक कार्यालयों में लिफ्ट और रैम्प होने चाहिए, ताकि दिव्यांगों को पहुंचने में कोई कठिनाई न हो।
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शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘हम इस याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। इसलिए रिट याचिका खारिज की जाती है।’’
याचिका में शीर्ष अदालत से अनुरोध किया गया था कि वह केंद्र और अन्य को निर्देश कि चुनावों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अधिकतम दो प्रतिशत आरक्षण प्रदान करे।
Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 28 March 2025 at 22:29 IST