'भारतीयों पर नजर रखने का डरावना टूल', हर फोन में संचार साथी ऐप को अनिवार्य करने के फैसले पर भड़की कांग्रेस, सरकार को घेरा
Saanchar Saathi App: दूरसंचार विभाग ने मोबाइल निर्माता कंपनियों को स्मार्टफोन में संचार संचार ऐप को प्रीलोड करने का निर्देश जारी किया। इस ऐप को न हटाया जा सकेगा और न ही डिसेबल किया जा सकेगा। इस फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। केसी वेणुगोपाल ने इसे असंवैधानिक बताया।
- भारत
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Opposition on Government mandates Sanchar Saathi App: भारत सरकार ने हर मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप को रखना अनिवार्य कर दिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी मोबाइल निर्माता कंपनियों को नए फोन में 'संचार साथी' ऐप प्रीलोड करने का निर्देश दिया है। सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने इसे हर भारतीय पर नजर रखने का डरावना टूल बताया और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की।
दरअसल, संचार साथी ऐप एक साइबर सिक्योरिटी टूल है। सरकार ने सभी स्मार्टफोन कंपनियों को इस ऐप को हर नए स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया गया है। कांग्रेस ने इसी फैसले पर सवाल उठाए।
हर नागरिक की हर हरकत पर नजर रखने का तरीका- केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने इस फैसले के खिलाफ प्रतिक्रिया देते हुए X पर लिखा, "बिग ब्रदर हम पर नजर नहीं रख सकता। DoT का यह डायरेक्शन पूरी तरह से अंसवैधानिक है। प्राइवेसी का अधिकार, संविधान के आर्टिकल 21 में दिए गए जीवन और आजादी के बुनियादी अधिकार का एक जरूरी हिस्सा है।"
उन्होंने कहा, "एक प्री-लोडेड सरकारी ऐप जिसे अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता, हर भारतीय पर नजर रखने का एक डरावना टूल है। यह हर नागरिक की हर हरकत, बातचीत और फैसले पर नजर रखने का एक तरीका है। यह भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर लगातार हमलों की लंबी सीरीज का हिस्सा है और इसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा।" वेणुगोपाल ने कहा कि हम इस डायरेक्शन को खारिज करते हैं और इसे तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं।
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यह पेगासस++ है- कार्ति चिदंबरम
इसके अलावा कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा, "बिग ब्रदर हमारे फोन और हमारी पूरी निजी जिंदगी पर कब्जा कर लेगा। यह पेगासस++ है।"
28 नवंबर को दूरसंचार विभाग की ओर से जारी निर्देश में कंपनियों से कहा गया है कि भारत में इस्तेमाल के लिए बनाए या इंपोर्ट किए गए सभी मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी मोबाइल एप्लीकेशन प्री-इंस्टॉल हो। एप्लीकेशन पहली बार इस्तेमाल करने या डिवाइस सेटअप करने के समय एंड यूजर्स को आसानी से दिखे और एक्सेसिबल हो। इसके फंक्शन डिसेबल या रिस्ट्रिक्टेड न हों। ऐसे सभी डिवाइस जो पहले से बन चुके हैं और भारत में सेल्स चैनल में हैं, उनके लिए मोबाइल हैंडसेट के मैन्युफैक्चरर और इंपोर्टर सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए ऐप को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। निर्देशों में 90 दिनों में इम्प्लीमेंटेशन पूरा करने और 120 दिनों में रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है।