जिस कंपनी में बना 'जहरीला' कफ सिरप Coldrif, उसका मालिक गिरफ्तार... छिंदवाड़ा में 21 बच्चों की मौत के बाद MP पुलिस का बड़ा एक्शन

Chhindwara Cough Syrup Death news: छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इस जहरीले सिरप ने अबतक 21 बच्चों की जिंदगियां लील ली। वहीं, मामले में ताबड़तोड़ एक्शन भी जारी है। अब सिरप बनाने वाली कंपनी का मालिक पकड़ा गया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
company owner arrested in cough syrup death cases
company owner arrested in cough syrup death cases | Image: ANI, Republic

Chhindwara Cough Syrup Deaths: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 'जहरीला' कफ सिरप कोल्ड्रिफ अबतक 21 बच्चों की मौत की वजह बन चुका है। मामले में एक और बड़ा एक्शन लिया गया है। तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल के मालिक रंगनाथन गोविंदन की चेन्नई से गिरफ्तारी हुई है। रंगनाथन को चेन्नई की एक अदालत में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड के बाद छिंदवाड़ा लाया जाएगा।

इससे पहले कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले में छिंदवाड़ा में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया गया। साथ ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। डॉक्टर सोनी और दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। डॉ. प्रवीण सोनी ने ही ये दवा लिखी थी।

20 हजार का घोषित था इनाम

मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए SIT टीम का गठन किया है। वहीं, छिंदवाड़ा पुलिस की ओर से रंगनाथन की गिरफ्तारी के लिए 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसकी तलाश में टीम तमिलनाडु में कई दिनों से डेरा डाले हुए थे। आखिरकार रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया गया।

इसको लेकर छिंदवाड़ा के SP अजय पांडे ने को बताया कि श्रीसन फार्मा के मालिक एस. रंगनाथन को बुधवार (8 अक्टूबर) रात गिरफ्तार किया गया। आरोपी को तमिलनाडु की चेन्नई की एक अदालत में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लाया जाएगा।

Advertisement

तमिलनाडु की कंपनी में बना था कफ सिरप

जिस कोल्ड्रिफ सीरप से बच्चों की मौतें हो रही है, उसे तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स में बनाया जा रहा था। इस कफ सिरप को बच्चों के लिए सामान्य सर्दी-खांसी के इलाज के तौर पर बेचा जा रहा था। मामले की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि सिरप के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी हुई। कथित तौर पर कंपनी कफ सिरप में 46-48 प्रतिशत डायथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) मिला रही थी, जबकि इसकी सीमा केवल 0.1 प्रतिशत है। ये जहरीला पदार्थ है जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है।

कई राज्यों में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर लगा बैन

छिंदवाड़ा ही नहीं कोल्ड्रिफ कफ सिरप से कथित तौर पर राजस्थान से भी कुछ बच्चों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इसके बाद कई राज्यों में इस कफ सिरप को बैन भी कर दिया गया। इसमें मध्य प्रदेश, यूपी, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल और तमिलनाडु समेत कई राज्य शामिल हैं, जहां कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर बैन लगाया गया है।

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'पवन सिंह अब बच्चा चाहते हैं, मगर...', पति के आरोपों पर ज्योति सिंह का पलटवार, कह दी बड़ी बात

Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड