'सचमुच डरावनी बात कही, कुछ लोगों की फितरत हिंदू...', पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर भड़के CM योगी; किया करारा पलटवार
योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के हिंदू सांप्रदायिकता वाले बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि उनके विचार देश के लिए डरावने हैं।
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पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के हिंदू सांप्रदायिकता यानी हिंदू कट्टरपंथ संबंधी बयान को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। भाजपा समेत कई दलों के नेताओं ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। सीएम योगी ने कहा, 'देश के एक पूर्व संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा दिए गए हालिया बयान ने भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति को काफी आघात पहुंचाया है।'
ग्रेटर नोएडा में संघ के कार्यक्रम ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के बयान का जिक्र किया। उन्होंने पहले बिना नाम लिए हमला बोलते हुए कहा, "कल मैं भारत में एक अहम संवैधानिक पद पर बैठे एक सम्मानित व्यक्ति का बयान देख रहा था। कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपने पद की गरिमा बनाए नहीं रख पाते। उस गरिमा के खिलाफ व्यवहार करना उनके जीवन का हिस्सा बन गया है।"
हामिद अंसारी का बयान सचमुच डरावना था-सीएम योगी
सीएम योगी ने आगे कहा, "भारत के उपराष्ट्रपति के तौर पर अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले श्री हामिद अंसारी ने कल एक बयान दिया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बयान था। उनका बयान सचमुच डरावना थे, उनके विचार भारत के लिए डरावने हैं। भारत, भारतीय संस्कृति और भारतीय परंपरा के खिलाफ हैं। ये बयान भारत की वैश्विक छवि को खराब करने की उन कोशिशों का हिस्सा हैं, जिन्हें भारत-विरोधी ताकतें लगातार फैला रही हैं।"
भारत की हिंदू परंपरा का अपमान-सीएम योगी
हामिद अंसारी पर करारा प्रहार करते हुए योगी ने कहा, "उन्होंने भारत की सनातन परंपरा की आलोचना करते हुए और भारत की हिंदू परंपरा का अपमान करते हुए बयान दिए और इसे आतंकवाद से जोड़ने की भी कोशिश की। भारत और भारत का संविधान यह उम्मीद करता हैं कि अहम संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति हमेशा ऐसे व्यवहार करे जो उस पद की गरिमा के अनुरूप हो। उनकी निजी राय अलग हो सकती है। लेकिन जब भारत की बात आती है, तो भारतीय संविधान की पवित्रता का पालन करते हुए भारत की एकता और अखंडता में सबसे बड़ा योगदान दिया जाना चाहिए।"