राधा अष्टमी पर भक्ति के रंग में रंगे नजर आए CM सुवेंदु अधिकारी, गौड़ीय मठ में ढोल बजाकर यूं गाया भक्ति गीत कि झूम उठे कृष्ण भक्त-VIDEO
राधा अष्टमी के अवसर पर CM सुवेंदु अधिकारी गौड़ीय मठ पहुंचे और राधा रानी की विशेष आरती की। इसके बाद हरिनाम संकीर्तन में शामिल होकर उन्होंने कुछ यूं भक्ति का रंग जमाया कि सभी कृष्ण भक्त झूम उठे। देखें-VIDEO
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पूरे देश में आज, 19 सितंबर 2026 को राधाष्टमी का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर ब्रजभूमि में तो अलग रंग में ही रंगा नजर आया। वहीं, पूरे में देश राधा रानी के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई। कोलकाता के बागबाजार स्थित श्री गौड़ीय मठ में भी राधा अष्टमी का पर्व पूरे धूम-धाम से मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी गौड़ीय मठ पहुंचे और राधा रानी की विशेष आरती की। इसके बाद हरिनाम संकीर्तन में शामिल होकर उन्होंने कुछ यूं भक्ति का रंग जमाया कि सभी कृष्ण भक्त झूम उठे।
मठ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने संतों और अन्य विशिष्ट जनों से मुलाकात की। इसके बाद वे मंदिर में राधा-कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष आरती में शामिल हुए। गौड़ीय मिशन की ओर से उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने मिशन के संतों एवं पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की और फिर श्रीचैतन्य महाप्रभु संग्रहालय का दौरा किया।
CM सुवेंदु ने गौड़ीय मठ में ढोल बजाकर यूं गाया भक्ति गीत
इसके बाद परिसर में चल रहे हरिनाम संकीर्तन में वे स्वयं शामिल हो गए। राधाष्टमी के अवसर पर गले में ढोल डालकर उन्होंने ‘राधे-राधे’ भक्ति गीत गाना शुरू किया। उनकी ढोल की धुन और भक्ति गीत से माहौल एकदम बदल गया सीएम ने ढोल बजाकर यूं समां बांधा कि वहां मौजूद सभी लोग झूम उठे और थोड़ी देर के लिए पूरा परिसर राधारानी की भक्ति के रंग में रंग गया।
सीएम ने बताया गौड़ीय मठ की महत्ता
कार्यक्रम खत्म होने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "इस जगह का एक लंबा इतिहास है और यह सरस्वती गोस्वामी प्रभु महाराज के सपने को दर्शाता है। यहां कौन नहीं आया है? नेताजी सुभाष चंद्र, मदन मोहन मालवीय, शंकर दयाल शर्मा, प्रणब मुखर्जी, पीएम नरेंद्र मोदी। बस मेरी ही बारी बाकी थी; अब मुख्यमंत्री बनने के बाद मैं यहां आया हूं। यह एक हेरिटेज साइट है; इसे 'ग्रेड I' का दर्जा मिला हुआ है।"
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राधा अष्टमी पर विशेष पूजा अर्चना
बता दें कि राधा अष्टमी को राधा रानी के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधा अष्टमी आती है। राधा अष्टमी को राधिका राधिका अष्टमी और राधा जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा की जाती है। खासतौर पर बरसाना, मथुरा और वृंदावन में इस पर्व का विशेष उत्साह देखने को मिलता है।