दिल्ली EC का बड़ा एक्शन: अरविंद केजरीवाल समेत परिवार के 5 सदस्यों को भेजा नोटिस, क्या है पूरा मामला?
Arvind Kejriwal: दिल्ली चुनाव आयोग ने राज्य में SIR प्रक्रिया के तहत दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी किया है।
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Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। दरअसल, दिल्ली चुनाव आयोग (CEO) ने शनिवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी किए। यह नोटिस राष्ट्रीय राजधानी में वोटर लिस्ट (electoral rolls) के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) की चल रही प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है। केजरीवाल को नोटिस मिलने के बाद 'AAP' की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है और पार्टी ने दिल्ली चुनाव आयोग पर गई गंभीर आरोप लगाए हैं।
SIR प्रक्रिया के तहत अरविंद केजरीवाल को नोटिस
दिल्ली चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस में अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल और गीता देवी को दिल्ली में "पिछले SIR से अनमैप्ड" (यानी जिनका डेटा पिछले SIR से नहीं मिला) वोटरों की कैटेगरी में जारी किए गए हैं।
दिल्ली चुनाव आयोग के दस्तावेजों के अनुसार, नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के KG मार्ग के पार्ट-51 के जिन 110 वोटरों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के पांच सदस्यों के नाम भी शामिल हैं।
मतदाता सूची से नाम कैसे गायब हुए?- AAP
इस पूरे मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दिल्ली की मतदाता सूची से कैसे गायब हो सकते हैं।
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पार्टी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा 'क्या इस देश में सब कुछ सिर्फ भगवान को खुश रखने के लिए हो रहा है? @ECISVEEP, यह कैसे संभव है कि दिल्ली के तीन बार के मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal जी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दिल्ली की मतदाता सूची से गायब हैं?।'
क्या कट जाएगा केजरीवाल का नाम?
इससे पहले गुरुवार को, नई दिल्ली के विधानसभा क्षेत्र-40 के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) ने चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की मीडिया रिपोर्ट पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट में नाम न होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति अयोग्य है।
अगर किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं है, तो वह 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 के जरिए अपना दावा पेश कर सकता है। 20 और 27 सितंबर को विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।