बॉन्ड तोड़ा, कोर्ट का अनादर... CJP नेता आशुतोष रांका और सोरव दास की न्यायिक हिरासत बढ़ाते समय अदालत ने क्या-क्या कहा?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सोरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। उन पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए मुचलके (पीस बॉन्ड) का उल्लंघन करने और जंतर-मंतर सहित उन जगहों पर सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन बुलाने का आरोप है।

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Saurav das Ashutosh ranka
Saurav das Ashutosh ranka | Image: ANI

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं-सोरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होनी है। इससे पहले सोमवार को दोपहर 2 बजे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें वापस तिहाड़ जेल ले जाया गया। हिरासत बढ़ाए जाने के मामले में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की ऑर्डर कॉपी सामने आ गई है, जिसमें कई बातों का जिक्र किया गया है। उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत के बाद एसईएम के समक्ष पेश किया गया।

कोर्ट ने किया जमानत बॉन्ड को खारिज

सोरव दास और आशुतोष रांका को सोमवार को दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से न्यायिक हिरासत में वापस ले जाया गया, क्योंकि दस्तावेजों में कथित विसंगति के कारण उनकी जमानत खारिज कर दी गई थी, उनके वकीलों ने बताया। अदालत ने सत्यापन के दौरान कमियां पाए जाने पर उनके ज़मानत बॉन्ड को खारिज कर दिया और नए जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया।

अदालत ने यह भी कहा कि प्रतिवादियों द्वारा इस न्यायालय के समक्ष दिया गया यह बयान कि वे भविष्य में इस अपराध को नहीं दोहराएंगे, जांच अधिकारी (आईओ) द्वारा दर्ज किए गए आचरण और सामग्री के आधार पर विश्वास पैदा नहीं करता है। एसईएम ऋतु राज ने अभियुक्तों के वकील और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद सौरभ दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक दो दिन के लिए बढ़ा दी है। अदालत ने अभियुक्तों के वकीलों को दो दिनों के भीतर लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश भी दिया है।

जंतर-मंतर और सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन बुलाने का आरोप

सोरव दास और आशुतोष रांका पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए मुचलके (पीस बॉन्ड) का उल्लंघन करने और जंतर-मंतर सहित उन जगहों पर सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन बुलाने का आरोप है, जहाँ अब प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।  
11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने दास, रांका और अन्य को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अतिक्रमण करने के आरोप में गिरफ्तार किया, जिसे निर्धारित विरोध स्थल के रूप में निरस्त कर दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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सीजेपी का आरोप

मुख्य न्यायिक न्यायाधीश (सीजे) में कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कार्यवाही की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि जमानत सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने के बार-बार प्रयास किए जाने के बावजूद अस्पष्ट आधारों पर स्वतंत्रता को सीमित किया जा रहा है।

नेहा ने आगे कहा “अदालत में एक तरह का मज़ाक चल रहा था। पिछले छह दिनों से हम यही कहते आ रहे हैं कि किसी न किसी बात पर नुक्ताचीनी की जा रही है - ज़मानतदार का सत्यापन नहीं हुआ है, ज़मानतदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हमने देखा कि किसी की आज़ादी पर अंकुश लगाया जा रहा है।'

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Published By:
 Sahitya Maurya
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