अपडेटेड 21 February 2026 at 22:00 IST
'एक दिन मेरी बहन और बेटी को मैसेज मिला...', CJI सूर्यकांत ने सुनाया साइबर ठगी वाला किस्सा; बोले- मेरी पहचान का दुरुपयोग हुआ
CJI Suryakant Cyber Fraud: जयपुर में CJI सूर्यकांत ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ठगों ने उनके नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर उनकी पहचान का दुरुपयोग किया।
- भारत
- 3 min read

CJI Suryakant Cyber Fraud: जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने एक बड़ा खुलासा किया, जिसने सभी को चौंका दिया है। उन्होंने इस दौरान उनके नाम से ठगी की आपबीती बताई। 'साइबर सिक्योरिटी- अवेयरनेस, प्रोटेक्शन, एंड इंक्लूसिव एक्सेस टू जस्टिस' नामक विषय पर हुए एक तीन दिवसीय सेमिनार में उन्होंने खुलासा किया कि ठगों ने उनके नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर उनकी पहचान का दुरुपयोग किया।
बहन और बेटी को मिला फर्जी मैसेज
CJI ने बताया कि ठगों ने सिर्फ उनके नाम से फर्जी वेबसाइट ही नहीं बनाई, बल्कि उनकी पहचान का दुरुपयोग करके उनकी बहन और बेटी को भी फर्जी मैसेज भेजा ताकि उन्हें अपने जाल में फंसा सकें। उन्होंने आगे कहा, ‘हर दूसरे दिन मुझे पता चलता है कि मेरे नाम पर नई फर्जी साइट्स बनाई गई हैं। मुझे यह पर्सनली पता है।’ CJI ने इस पूरे मामले पर दुख जताते हुए कहा कि ये फेक साइट्स नाइजीरिया से बनाई जा रही हैं।
‘साइबर ठगी एक सामूहिक खतरा’
उन्होंने बताया कि इस गिरोह के तार नाइजीरिया जैसे देशों से जुड़े हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि साइबर अपराध अब एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बन चुका है। CJI सूर्यकांत ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साइबर ठग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहे हैं, जिसके कारण धोखाधड़ी को पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने सचेत किया कि साइबर ठगी अब केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर और सामूहिक खतरा है।
डिजिटल युग में सावधानी ही सुरक्षा
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे आधुनिक न्याय प्रणाली का केंद्र बताया है। उन्होंने 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे गंभीर ठगी के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
Advertisement
CJI ने साइबर सुरक्षा को पुराने ज्ञान का नया स्वरूप बताते हुए स्पष्ट किया कि डिजिटल दुनिया में जोखिम बहुत तेजी से फैलता है। उन्होंने आगाह किया कि लोग कभी भी यह मानकर न चलें कि कोई जानी-पहचानी दिखने वाली चीज पूरी तरह सुरक्षित है। पूरी दुनिया को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
66 लाख से ज्यादा साइबर ठगी की शिकायतें पेंडिंग
बता दें, देश में साइबर अपराध की स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में 66 लाख से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें लंबित हैं। CJI ने इस पर कहा कि इस खतरे को देश से खत्म करने में न्यायपालिका जो भी कर सकती है, कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
Advertisement
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 21 February 2026 at 22:00 IST