मुश्किल में यौन उत्पीड़न का आरोप झेल रहा स्वयंभू ईसाई धर्म प्रचारक पादरी बजिंदर सिंह, पंजाब पुलिस ने जोड़ी ये 4 धाराएं
स्वंयभू ईसाई धर्म प्रचारक पादरी बजिंदर सिंह पर 22 साल की महिला ने यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। अब इस पादरी के खिलाफ FIR में 4 इन धाराएं जोड़ी गई हैं।
- भारत
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Prophret Bajinder Singh case : स्वयंभू ईसाई धर्म प्रचारक पादरी बजिंदर सिंह की मुश्किल कम होती नजर नहीं आ रही है। पंजाब के पादरी बजिंदर सिंह अपनी काली करतूतों की वजहों के चलते कई दिनों से सुर्खियों में है। यौन उत्पीड़न के आरोप झेल रहे बजिंदर सिंह पर सख्ती दिखाते हुए पंजाब पुलिस ने मोहाली में FIR दर्ज की है। उनके खिलाफ BNS की धारा 74, 126 (2), 115 (2), 351 (2) के तहत मामला दर्ज किया है।
यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे पादरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह एक महिला और एक पुरुष से बहस करते हुए और उन्हें थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहा है। पहले से इस स्वंयभू ईसाई धर्म प्रचारक पादरी बजिंदर सिंह पर 22 साल की महिला का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है, पीड़ित ने 28 फरवरी को केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है और पंजाब राज्य महिला आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए शिकायतकर्ता को सुरक्षा देने का निर्देश जारी किया था। अब इस पादरी के खिलाफ FIR में कई इन धाराएं जोड़ी गई हैं।
धारा 74 (Section 74), महिलाओं के खिलाफ अपराध: अश्लीलता का इरादा रखना, यह धारा किसी महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला करने के बाद लगाई जाती है। इसमें 1 साल तक की साधारण सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यह गैर-जमानती अपराध नहीं है।
धारा 126(2), गलत तरीके से रोकना: ये धारा किसी को रास्ते में जानबूझकर रोकने पर लगाई जाती है। यह एक जमानती और छोटा अपराध माना जाता है। इसमें 1 महीने की साधारण जेल का प्रावधान है।
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धारा 115(2), चोट पहुंचाना: किसी व्यक्ति को जानबूझकर चोट (गंभीर चोट नहीं) पहुंचाने पर BNS की धारा 115(2) लगाई जाती है। यह जमानती अपराध है और सुलह हो सकती है। इसमें 1 साल की सजा या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों भी हो सकते हैं।
धारा 351(2), आपराधिक धमकी: ये धारा किसी को धमकी देने, चोट पहुंचाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाने पर लगाई जाती है। अगर धमकी गंभीर (जैसे मौत या गंभीर चोट) नहीं है, तो यह जमानती अपराध है। इसमें 2 साल तक की कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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ये धाराएं सामान्य अपराधों से जुड़ी हैं। धारा 74 महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है, जबकि बाकी धाराएं व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़ी हैं।
NCW के सामने पेश हुई पीड़ित
पादरी बजिंदर सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला मंगलवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुई। जालंधर के रहने वाले स्वयंभू धर्म प्रचारक पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ महिला की शिकायत के बाद यौन उत्पीड़न का मामला 28 फरवरी को दर्ज किया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि बजिंदर सिंह उसे मैसेज भेजता रहता था। हर रविवार को चर्च के एक कमरे में उसे अकेले बैठाता था और इस दौरान उसे गलत तरीके से छूता था। पुलिस ने पादरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है।
(भाषा इनपुट के साथ)