VIDEO: डे केयर में 23 माह के बच्चे को दूसरे बच्चे ने 25 बार काटा, जख्म देखकर कांप जाएगा कलेजा; मामला दबाने के लिए संस्थान ने दिया लाखों का ऑफर
संभाजी नगर स्थित 'FirstCry Intellitots Pre-school' में प्रशासन और टीचरों की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना हरकत की वजह से 23 महीने का एक बच्चा लहूलुहान हो गया है। बच्चे के शरीर में एक दो नहीं बल्कि 25 जख्म। आईए जानतें हैं क्या है पूरा मामला
- भारत
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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर स्थित प्ले स्कूल की घटना ने अभिभावकों में डेकेयर को लेकर व्याप्त भरोसे को एक बार फिर झटका दिया है। दफ्तर में काम करने वाली महिलाएं अपने कलेजे के टुकड़े को इस भरोसे से प्ले स्कूल या डेकेयर में छोड़कर जाती हैं कि उन्हें लगता है कि उनका बच्चा यहां सुरक्षित रहेगा। मगर मोटी फीस वसूलने वाले ये प्ले स्कूल आपके बच्चे को कितना सुरक्षित माहौल दे रहे हैं, आए दिन सामने आ रही घटना बता रही है। ताजा मामला संभाजी नगर स्थित CIDCO के मशहूर 'FirstCry Intellitots Pre-school' का है।
संभाजी नगर स्थित 'FirstCry Intellitots Pre-school' में प्रशासन और टीचरों की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना हरकत की वजह से 23 महीने के बच्चे को गंभीर शारीरिक और मानसिक सदमे का सामना करना पड़ा। स्कूल में 23 महीने के एक बच्चे को उसके क्लासमेट ने ही लगभग 25 बार काटा। पूरे शरीर को नोंचा,जमीन पर लिटाकर बूरी तरह पिटा। पूरे घटनाक्रम के दौरान क्लास रूम में ना कोई टीचर थी और ना बच्चों की देख रेख के लिए केयर टेकर। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिस देखकर आपका भी गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच जाएगा।
23 महीने का मासूम के शरीर में 25 जख्म
एक 23 महीने का मासूम जो ठीक से बोल भी नहीं सकता, उसे एक बंद कमरे में बेरहमी से लहूलुहान कर दिया गया। उसकी चीखें गूंजती रहीं, लेकिन उस प्ले स्कूल में चीखे सुनने उसके आंसू पोंछने वाला, उसे बचाने वाला कोई मौजूद नहीं था। बच्चे के पूरे शरीर पर चोटों के निशान और काटने के घाव देखकर अभिभावक सदमे में हैं। यह दिल दहला देने वाली वारदात 22 जून 2026 की बताई जा रही है।
बच्चों को अकेले कमरे में छोड़ चली गई के केयरटेकर
इस प्री-स्कूल का CCTV फुटेज जब सामने आया, तो देखने वालों का कलेजा मुंह को आ गया। अभिभावक ने पूरी घटना की शिकायत पुलिसे की है। पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे CIDCO N-1 क्षेत्र स्थित इस प्ले स्कूल में 29 वर्षीय वकील ने अपने 23 महीने के बच्चे को छोड़ा। सुबह 11 बजे केयरटेकर ने एक बच्चे को क्लासरूम से बाहर निकाला और बिना किसी टीचर या केयरगिवर को अंदर छोड़े, कमरे का दरवाजा बाहर बंद करके चली गई।
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CCTV देख खोला अभिभावक का खून
कमरे में किसी टीचर या केयरगिवर के न होने पर, अंदर फंसे छोटे बच्चे डर के मारे जोर-जोर से रोने लगे और दरवाजा खोलने की कोशिश करने लगे। इस दौरान बच्चों के बीच हाथापाई हो गई। एक बच्चे के चेहरे, नाक, होंठ, छाती, पीठ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं। साथ ही, बच्चे के पूरे शरीर पर काटने के निशान थे। घटना होने के बाद भी, स्कूल प्रशासन ने दोपहर 2:00 बजे तक इसे माता-पिता से पूरी तरह छिपाए रखा। जब शिकायतकर्ता बच्चे को लेने पहुंचा, तो प्रिंसिपल ने उसे यह कहकर गुमराह किया कि बच्चे को केवल खरोंचें आई हैं।
मामले की जांच जारी
घर आने के बाद जब परेंट्स ने बच्चे के कपड़े हटाए तो उनकी आखें खुली की खुली रह गई। बच्चे के पूरे शरीर पर गंभीर चोट, नोचने, काटने का निशान साफ नजर आ रहा था। इस मामले में स्कूल के मालिक विजय रेड्डी (हैदराबाद के रहने वाले), CEO शुभम माहेश्वरी (पुणे के रहने वाले), स्टेट हेड अनुराधा सिंह, मैनेजर मंगेश मुसाले और वैभव सवादे, प्रिंसिपल कंचन येओले और एक महिला केयरटेकर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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मामला दबाने के लिए लाखों का ऑफर
हालात की गंभीरता को समझते हुए, माता-पिता ने CCTV फुटेज की मांग की। हालांकि, स्कूल प्रशासन टालमटोल करता रहा। माता-पिता के दबाव में, उन्होंने कुछ एडिट किए हुए क्लिप दिए। उन्होंने लाखों रुपए की पेशकश भी कर डाली और माता-पिता से कहीं भी शिकायत न करने को कहा। साथ ही यह धमकी भी दी कि अगर शिकायत की भी गई, तो कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। बच्चे को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।